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उपखंड अधिकारी मंगलौर पर एकतरफा पेनल्टी लगाना दुर्भाग्यपूर्ण एसोसिएशन ने
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन ने सब स्टेशन माजरा में बैठक कर उप खंड अधिकारी मंगलौर पर पेनाल्टी लगाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। एसोसिएशन ने कहा कि पेनाल्टी लगाए जाने के बजाए प्रकरण की जांच कराई जाए।
एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव विनीत गुप्ता ने कहा कि उप खंड अधिकारी मंगलौर अमित सक्सेना पर दिसंबर 2017 एवं जनवरी 2018 में नए संयोजनों को जारी करने में देरी के लिए तीन लाख 27 हजार 380 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। पेनाल्टी को 12 महीने की किश्तों में उनके वेतन से कटौती कर वसूले जाने के एकतरफा आदेश हैै। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि मंगलौर उपखंड से संबंधित अधिकतम लंबित संयोजन ट्यूबवेल के हैं। इसमें देरी की वजह सामग्री उपलब्ध न होने, समय से पैकेज उपलब्ध न होने एवं कई बार ठेकेदार के काम के लिए उपलब्ध न होने से संयोजन जारी करने में देरी होती है। इसके लिए सिर्फ उपखंड स्तर पर एकतरफा जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन निगम प्रबंधन से मांग करता है कि उपखंड अधिकारी मंगलौर पर एकतरफा कार्रवाई के स्थान पर प्रकरण की विस्तृत जांच कराए। बैठक में पवन रावत, बबलू सिंह, अनिल बड़ोनी, प्रमोद भंडारी, मनीष पांडे, राजीव खर्कवाल, मनोज रावत, आशीष अग्रवाल, अमित, नवनीत चौहान, विमल कुड़ियाल आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन ने सब स्टेशन माजरा में बैठक कर उप खंड अधिकारी मंगलौर पर पेनाल्टी लगाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। एसोसिएशन ने कहा कि पेनाल्टी लगाए जाने के बजाए प्रकरण की जांच कराई जाए।
एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव विनीत गुप्ता ने कहा कि उप खंड अधिकारी मंगलौर अमित सक्सेना पर दिसंबर 2017 एवं जनवरी 2018 में नए संयोजनों को जारी करने में देरी के लिए तीन लाख 27 हजार 380 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। पेनाल्टी को 12 महीने की किश्तों में उनके वेतन से कटौती कर वसूले जाने के एकतरफा आदेश हैै। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि मंगलौर उपखंड से संबंधित अधिकतम लंबित संयोजन ट्यूबवेल के हैं। इसमें देरी की वजह सामग्री उपलब्ध न होने, समय से पैकेज उपलब्ध न होने एवं कई बार ठेकेदार के काम के लिए उपलब्ध न होने से संयोजन जारी करने में देरी होती है। इसके लिए सिर्फ उपखंड स्तर पर एकतरफा जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन निगम प्रबंधन से मांग करता है कि उपखंड अधिकारी मंगलौर पर एकतरफा कार्रवाई के स्थान पर प्रकरण की विस्तृत जांच कराए। बैठक में पवन रावत, बबलू सिंह, अनिल बड़ोनी, प्रमोद भंडारी, मनीष पांडे, राजीव खर्कवाल, मनोज रावत, आशीष अग्रवाल, अमित, नवनीत चौहान, विमल कुड़ियाल आदि मौजूद रहे।
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