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तबादलों में दस फीसदी कोटा बेहद कम
Updated Mon, 28 May 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के तबादलों के लिए दस फीसदी कोटा तय किए जाने पर शिक्षक लामबंद हो गए हैं। उन्होंने सरकार और विभाग से कोटा बढ़ाए जाने की मांग की है, ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों, शिक्षकों की बैठक जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेपाली की अध्यक्षता में हुई। जिसमें शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश पर कड़ा एतराज जताया गया। शिक्षकों ने कहा कि आला अफसरों की ओर से जारी किए गए इस आदेश के बाद देहरादून जिले में मात्र 13 शिक्षकों का स्थानांतरण हो पाएगा। कहा कि जबकि राज्य में तमाम ऐसे शिक्षक हैं जो पिछले दो दशक से दुर्गम में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। कहा कि सरकार व शिक्षा विभाग के आला अफसरों को इस आदेश को तत्काल निरस्त कर नए सिरे से स्थानांतरण नीति पर विचार करना चाहिए। बैठक में जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृपाली, संरक्षक सुभाष कुकरेती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र गुंसाई, विनोद लखेड़ा, जिला मंत्री प्रमोद सिंह रावत, उपाध्यक्ष दिवाकर सजवाण, संयुक्त संगठन मंत्री चंद्रप्रकाश, संदीप सोलंकी आदि मौजूद रहे।
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शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के तबादलों के लिए दस फीसदी कोटा तय किए जाने पर शिक्षक लामबंद हो गए हैं। उन्होंने सरकार और विभाग से कोटा बढ़ाए जाने की मांग की है, ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों, शिक्षकों की बैठक जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेपाली की अध्यक्षता में हुई। जिसमें शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश पर कड़ा एतराज जताया गया। शिक्षकों ने कहा कि आला अफसरों की ओर से जारी किए गए इस आदेश के बाद देहरादून जिले में मात्र 13 शिक्षकों का स्थानांतरण हो पाएगा। कहा कि जबकि राज्य में तमाम ऐसे शिक्षक हैं जो पिछले दो दशक से दुर्गम में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। कहा कि सरकार व शिक्षा विभाग के आला अफसरों को इस आदेश को तत्काल निरस्त कर नए सिरे से स्थानांतरण नीति पर विचार करना चाहिए। बैठक में जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृपाली, संरक्षक सुभाष कुकरेती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र गुंसाई, विनोद लखेड़ा, जिला मंत्री प्रमोद सिंह रावत, उपाध्यक्ष दिवाकर सजवाण, संयुक्त संगठन मंत्री चंद्रप्रकाश, संदीप सोलंकी आदि मौजूद रहे।
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