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वनकर्मियों की पदोन्नति में न हो कटौती
Updated Thu, 17 May 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने वनकर्मियों की पदोन्नति में कटौती न करने की मांग की है। संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार पहले सरकार और शासन से वार्ता के दौरान सहमति बनी थी, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हैं।
संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बुधवार को राजपुर रोड स्थित वन विभाग मुख्यालय में गेट मीटिंग कर धरना-प्रदर्शन किया। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह और संयोजक सचिव रवि पचौरी ने राजस्व परिषद के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को तृतीय एसीपी मद में 4200 रुपये ग्रेड पे अनुमन्य करने और परिषद के ढ़ांचे में कर्मचारियों की संख्या कम न करने की मांग की है। इस दौरान कर्मचारियों ने 18 मई को होने वाले प्रदेशव्यापी आंदोलन में सहभागिता का संकल्प लिया। इसके अलावा मोर्चा संयोजक मंडल की बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में होगी। गेट मीटिंग को जिले के मुख्य संयोजक चौधरी ओमवीर सिंह, आरआर पैन्यूली, गिरिजाशंकर चतुर्वेदी, हेमंत रावत, भावेश जगूड़ी, बनवारी सिंह रावत, इंसारुल हक, शक्ति प्रसाद भट्ट, रामचंद्र रतूड़ी, अरुण पांडे, गोविंद सिंह नेगी, कुलदीप पंवार, इंद्रमोहन कोठारी, जितेंद्र गुसांई, अनिल पंवार, आशीष कोठारी, अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह आदि ने संबोधित किया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-सेवा काल में तीन पदोन्नति, एसीपी का लाभ, सातवें वेतनमान के समस्त भत्तों का लाभ।
-सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों के कर्मचारियों को एरियर का लाभ, वेतन विसंगति का समाधान।
-उपनल व आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन वेतन का लाभ।
-सभी कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड योजना का लाभ।
-वाहन भत्ते का लाभ, वेतन समिति की पुनर्गठन रिपोर्ट को अस्वीकार करने।
-जिला पंचायत कार्मिकों को राजकीय कर्मचारी घोषित करने, वाहन चालकों की स्टाफिंग पैर्टन व्यवस्था को पूर्ववत रखने।
-स्थानांतरण एक्ट में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को छूट देने।
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कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने वनकर्मियों की पदोन्नति में कटौती न करने की मांग की है। संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार पहले सरकार और शासन से वार्ता के दौरान सहमति बनी थी, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हैं।
संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बुधवार को राजपुर रोड स्थित वन विभाग मुख्यालय में गेट मीटिंग कर धरना-प्रदर्शन किया। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह और संयोजक सचिव रवि पचौरी ने राजस्व परिषद के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को तृतीय एसीपी मद में 4200 रुपये ग्रेड पे अनुमन्य करने और परिषद के ढ़ांचे में कर्मचारियों की संख्या कम न करने की मांग की है। इस दौरान कर्मचारियों ने 18 मई को होने वाले प्रदेशव्यापी आंदोलन में सहभागिता का संकल्प लिया। इसके अलावा मोर्चा संयोजक मंडल की बैठक बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में होगी। गेट मीटिंग को जिले के मुख्य संयोजक चौधरी ओमवीर सिंह, आरआर पैन्यूली, गिरिजाशंकर चतुर्वेदी, हेमंत रावत, भावेश जगूड़ी, बनवारी सिंह रावत, इंसारुल हक, शक्ति प्रसाद भट्ट, रामचंद्र रतूड़ी, अरुण पांडे, गोविंद सिंह नेगी, कुलदीप पंवार, इंद्रमोहन कोठारी, जितेंद्र गुसांई, अनिल पंवार, आशीष कोठारी, अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह आदि ने संबोधित किया।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-सेवा काल में तीन पदोन्नति, एसीपी का लाभ, सातवें वेतनमान के समस्त भत्तों का लाभ।
-सार्वजनिक निगमों व उपक्रमों के कर्मचारियों को एरियर का लाभ, वेतन विसंगति का समाधान।
-उपनल व आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन वेतन का लाभ।
-सभी कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड योजना का लाभ।
-वाहन भत्ते का लाभ, वेतन समिति की पुनर्गठन रिपोर्ट को अस्वीकार करने।
-जिला पंचायत कार्मिकों को राजकीय कर्मचारी घोषित करने, वाहन चालकों की स्टाफिंग पैर्टन व्यवस्था को पूर्ववत रखने।
-स्थानांतरण एक्ट में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को छूट देने।