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इलाज से पहले लगानी पड रही 40-50 किमी ‘दौड़’
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:33 AM IST
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इलाज से पहले लगानी पड़ रही 40-50 किमी ‘दौड़’
ब्यूरो, अमर उजाला
साहिया।
पहले स्वास्थ्य मंत्री और फिर मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद कोटी कॉलोनी में अस्पताल नहीं खुल सका है। ऐसे में खत कोटी विशायल के 12 गांवों की आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवा दूर की कोड़ी है। लोगों को इलाज के लिए 40-50 किमी दूर कालसी या विकासनगर जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र में जल विद्युत परियोजना के निर्माण के दौरान 70 के दशक में सिंचाई विभाग ने कोटी कॉलोनी में अस्पताल का निर्माण कराया था। परियोजना कार्य समाप्त होते ही 15 वर्ष पूर्व विभाग ने क्षेत्र में अस्पताल का संचालन बंद कर दिया था, जिसके बाद से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। मरम्मत के अभाव में अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। अस्पताल परिसर में झाड़ियां उग आई है।
वर्ष 2007 में ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी क्षेत्र में अस्पताल खोलने की घोषणा की थी लेकिन अब तक अस्पताल नहीं खुल सका है।
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कोटी कॉलोनी निवासी गजेंद्र सिंह, डिमऊ निवासी सूरत सिंह चौहान आदि का कहना है कि कई बार की मांग के बावजूद क्षेत्र में अस्पताल नहीं खुल सका है। समय पर इलाज न मिलने से ग्रामीणों की जान तक पर बन आती है। अस्पताल के खुलने से खत कोटी विशाइल के साथ ही आसपास के कई गांवों की आबादी को राहत मिल सकेगी।
सीएमओ वाईएस थपलियाल ने कहा कि अस्पताल के भूमि चयन को लेकर मंथन चल रहा है। शासन को भी भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही क्षेत्र में अस्पताल का संचालन किया जाएगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला
साहिया।
पहले स्वास्थ्य मंत्री और फिर मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद कोटी कॉलोनी में अस्पताल नहीं खुल सका है। ऐसे में खत कोटी विशायल के 12 गांवों की आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवा दूर की कोड़ी है। लोगों को इलाज के लिए 40-50 किमी दूर कालसी या विकासनगर जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र में जल विद्युत परियोजना के निर्माण के दौरान 70 के दशक में सिंचाई विभाग ने कोटी कॉलोनी में अस्पताल का निर्माण कराया था। परियोजना कार्य समाप्त होते ही 15 वर्ष पूर्व विभाग ने क्षेत्र में अस्पताल का संचालन बंद कर दिया था, जिसके बाद से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। मरम्मत के अभाव में अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। अस्पताल परिसर में झाड़ियां उग आई है।
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वर्ष 2007 में ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी क्षेत्र में अस्पताल खोलने की घोषणा की थी लेकिन अब तक अस्पताल नहीं खुल सका है।
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कोटी कॉलोनी निवासी गजेंद्र सिंह, डिमऊ निवासी सूरत सिंह चौहान आदि का कहना है कि कई बार की मांग के बावजूद क्षेत्र में अस्पताल नहीं खुल सका है। समय पर इलाज न मिलने से ग्रामीणों की जान तक पर बन आती है। अस्पताल के खुलने से खत कोटी विशाइल के साथ ही आसपास के कई गांवों की आबादी को राहत मिल सकेगी।
सीएमओ वाईएस थपलियाल ने कहा कि अस्पताल के भूमि चयन को लेकर मंथन चल रहा है। शासन को भी भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही क्षेत्र में अस्पताल का संचालन किया जाएगा।