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ब्लैक लिस्ट कंपनी को सौंप दी टरबाइनों के रखरखाव का जिम्मेदारी
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:16 AM IST
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ब्लैक लिस्ट कंपनी को सौंप दी टरबाइनों के रखरखाव का जिम्मेदारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जल विद्युत निगम की ओर से संचालित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की भारी भरकम मशीनोें की मरम्मत का जिम्मा उसी कंपनी को सौंप दिया गया, जिसे पहले ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। यूजेवीएनएल में बिजलीघरों की मशीनों की मरम्मत और रखरखाव पर कर्मचारी संगठनों ने सवालिया निशान उठाते हुए प्रबंध निदेशक से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन, उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ व विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से प्रबंध निदेशक को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि बारिश के चलते नदियों में पर्याप्त जल होने के बावजूद 15 जून से एक अगस्त तक यूजेवीएनएल में सभी मशीनें बिजली उत्पादन के लिए तैयार नहीं रखी गईं। इस प्रकरण की जांच कराई जानी चाहिए। यह भी आरोप है कि बिजलीघरों में अनुरक्षण कार्य एजेंसी के जरिये मानकों के विपरीत किया जा रहा है।
वहीं यमुना घाटी के छिबरो बिजलीघर की टरबाइन नंबर एक का रखरखाव स्थानीय फर्म से कराया जा रहा है। जिसने तय समय में गुणवत्तापूर्ण का कार्य नहीं किया है। कर्मचारी संगठनों ने प्रबंध निदेशक से मांग की है कि टरबाइनों की मरम्मत नहीं करने वाली कंपनियों को काली सूची में डाला जाए। उनका कहना है कि पूर्व में इस कंपनी को काली सूची में डाला गया था लेकिन अब यह कंपनी नाम बदलकर काम कर रही है।
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वहीं प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने शिकायत की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जल विद्युत निगम की ओर से संचालित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की भारी भरकम मशीनोें की मरम्मत का जिम्मा उसी कंपनी को सौंप दिया गया, जिसे पहले ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। यूजेवीएनएल में बिजलीघरों की मशीनों की मरम्मत और रखरखाव पर कर्मचारी संगठनों ने सवालिया निशान उठाते हुए प्रबंध निदेशक से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन, उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ व विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से प्रबंध निदेशक को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि बारिश के चलते नदियों में पर्याप्त जल होने के बावजूद 15 जून से एक अगस्त तक यूजेवीएनएल में सभी मशीनें बिजली उत्पादन के लिए तैयार नहीं रखी गईं। इस प्रकरण की जांच कराई जानी चाहिए। यह भी आरोप है कि बिजलीघरों में अनुरक्षण कार्य एजेंसी के जरिये मानकों के विपरीत किया जा रहा है।
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वहीं यमुना घाटी के छिबरो बिजलीघर की टरबाइन नंबर एक का रखरखाव स्थानीय फर्म से कराया जा रहा है। जिसने तय समय में गुणवत्तापूर्ण का कार्य नहीं किया है। कर्मचारी संगठनों ने प्रबंध निदेशक से मांग की है कि टरबाइनों की मरम्मत नहीं करने वाली कंपनियों को काली सूची में डाला जाए। उनका कहना है कि पूर्व में इस कंपनी को काली सूची में डाला गया था लेकिन अब यह कंपनी नाम बदलकर काम कर रही है।
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वहीं प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने शिकायत की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।