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पूर्व सैनिकों ने धूमधाम से मनाया युद्ध सम्मान दिवस
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गढ़वाल राइफल्स की सबसे पुरानी बटालियन द्वितीय गढ़वाल राइफल्स ने रविवार को 117वां स्थापना दिवस और 103वां युद्ध सम्मान दिवस धूमधाम से मनाया। बड़ी संख्या में बटालियन के पूर्व सैनिक और अधिकारी समारोह में शामिल हुए और द्वितीय गढ़वाल राइफल्स के गौरवान्वित करने वाले लम्हों को याद किया। साथ ही बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोह लिया।
रविवार को कारगी चौक स्थित एक प्लाजा में स्थापना दिवस एवं युद्ध सम्मान दिवस का शुभारंभ ब्रिगेडियर विजय कुमार (रिट.) और कर्नल डीपीएस कठैत (रिट.) ने किया। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समिति के अध्यक्ष सूबेदार रघुबीर सिंह कैंतुरा (रिट.) ने बताया कि बटालियन की स्थापना मार्च 1901 में लैंसडौन में की गई थी। बटालियन ने प्रथम विश्व युद्ध में शौर्य और वीरता का परिचय देकर नए आयाम स्थापित किए। इसमें राइफलमैन गबर सिंह नेगी को उनके अदम्य साहस एवं बहादुरी के लिए मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया।
आजादी के बाद भी बटालियन ने देश की आंतरिक सुरक्षा और युद्धों में अपना अहम योगदान किया। आज भी यह परंपरा जारी है। समारोह में युद्ध शहीद विधवाओं को सम्मानित किया गया। बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। इस मौके पर कर्नल अरुण मुखर्जी (रिट.), मेजर कंडवाल (रिट.), ऑनरेरी कैप्टन राम सिंह रावत (रिट.), जयपाल सिंह नेगी (रिट.), सुरेंद्र सिंह कनवासी (रिट.), बालेंद्र सिंह (रिट.) सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और पूर्व सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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गढ़वाल राइफल्स की सबसे पुरानी बटालियन द्वितीय गढ़वाल राइफल्स ने रविवार को 117वां स्थापना दिवस और 103वां युद्ध सम्मान दिवस धूमधाम से मनाया। बड़ी संख्या में बटालियन के पूर्व सैनिक और अधिकारी समारोह में शामिल हुए और द्वितीय गढ़वाल राइफल्स के गौरवान्वित करने वाले लम्हों को याद किया। साथ ही बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोह लिया।
रविवार को कारगी चौक स्थित एक प्लाजा में स्थापना दिवस एवं युद्ध सम्मान दिवस का शुभारंभ ब्रिगेडियर विजय कुमार (रिट.) और कर्नल डीपीएस कठैत (रिट.) ने किया। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समिति के अध्यक्ष सूबेदार रघुबीर सिंह कैंतुरा (रिट.) ने बताया कि बटालियन की स्थापना मार्च 1901 में लैंसडौन में की गई थी। बटालियन ने प्रथम विश्व युद्ध में शौर्य और वीरता का परिचय देकर नए आयाम स्थापित किए। इसमें राइफलमैन गबर सिंह नेगी को उनके अदम्य साहस एवं बहादुरी के लिए मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया।
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आजादी के बाद भी बटालियन ने देश की आंतरिक सुरक्षा और युद्धों में अपना अहम योगदान किया। आज भी यह परंपरा जारी है। समारोह में युद्ध शहीद विधवाओं को सम्मानित किया गया। बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। इस मौके पर कर्नल अरुण मुखर्जी (रिट.), मेजर कंडवाल (रिट.), ऑनरेरी कैप्टन राम सिंह रावत (रिट.), जयपाल सिंह नेगी (रिट.), सुरेंद्र सिंह कनवासी (रिट.), बालेंद्र सिंह (रिट.) सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और पूर्व सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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