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पारदर्शी होना चाहिए समाजसेवी का जीवन
Updated Mon, 03 Jul 2017 09:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि समाजसेवियों का जीवन पारदर्शी होना चाहिए। उनकी कथनी और करनी एक जैसी होगी तो उसका असर भी होगा और समाज प्रगति करेगा। कहा कि समाज के अगली पंक्ति के लोगों का अनुकरण जन सामान्य करते हैं ऐसे में उनका कर्तत्व दर्पण की भांति पारदर्शी होना चाहिए।
डा. पंड्या शांतिकुंज में हुई राष्ट्रीय युग प्रवक्ता शिविर के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि वे स्वयंसेवक जो आचरण और वाणी की एकरूपता के साथ सच्चे अर्थों में समाज सेवा करने वाले हैं वे अनुशासन प्रिय, चिंतनशील और धर्मतंत्र के समझदार हों और सच्चे लोकसेवी हों। कहा कि आज धर्मतंत्र में कई तरह के लोग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन गायत्री परिवार इनसे अलग हैं।
इससे पहले प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं को लोकसेवी की तरह कार्य करना है। उन्होंने लोकसेवी बनने की विविध उपायों की जानकारी दी। जोनल समन्वयक कालीचरण शर्मा ने युवा क्रांति वर्ष और हमारे उत्तरदायित्व पर विस्तार से जानकारी दी। दक्षिण पूर्व जोन के समन्वयक गंगाधर चौधरी के अनुसार इस शिविर में देशभर के 17 राज्यों के करीब पांच सौै से अधिक चयनित प्रतिनिधि शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि शिविर में 20 सत्र होंगे जिनमें अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञ प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे। इस अवसर पर केसरी कपिल, डा. ओपी शर्मा, डा. बृजमोहन गौड़, गंगाधर चौधरी, केदार प्रसाद दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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हरिद्वार।
शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि समाजसेवियों का जीवन पारदर्शी होना चाहिए। उनकी कथनी और करनी एक जैसी होगी तो उसका असर भी होगा और समाज प्रगति करेगा। कहा कि समाज के अगली पंक्ति के लोगों का अनुकरण जन सामान्य करते हैं ऐसे में उनका कर्तत्व दर्पण की भांति पारदर्शी होना चाहिए।
डा. पंड्या शांतिकुंज में हुई राष्ट्रीय युग प्रवक्ता शिविर के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि वे स्वयंसेवक जो आचरण और वाणी की एकरूपता के साथ सच्चे अर्थों में समाज सेवा करने वाले हैं वे अनुशासन प्रिय, चिंतनशील और धर्मतंत्र के समझदार हों और सच्चे लोकसेवी हों। कहा कि आज धर्मतंत्र में कई तरह के लोग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन गायत्री परिवार इनसे अलग हैं।
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इससे पहले प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं को लोकसेवी की तरह कार्य करना है। उन्होंने लोकसेवी बनने की विविध उपायों की जानकारी दी। जोनल समन्वयक कालीचरण शर्मा ने युवा क्रांति वर्ष और हमारे उत्तरदायित्व पर विस्तार से जानकारी दी। दक्षिण पूर्व जोन के समन्वयक गंगाधर चौधरी के अनुसार इस शिविर में देशभर के 17 राज्यों के करीब पांच सौै से अधिक चयनित प्रतिनिधि शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि शिविर में 20 सत्र होंगे जिनमें अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञ प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे। इस अवसर पर केसरी कपिल, डा. ओपी शर्मा, डा. बृजमोहन गौड़, गंगाधर चौधरी, केदार प्रसाद दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।