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50 हजार लोगोें को नहीं मिली अप्रैल की सब्सिडी
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली सब्सिडी शासन से जारी नहीं होने के कारण 50 हजार राशन उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पाया है। आपूर्ति विभाग में उपभोक्ताओं ने की शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर 37 लाख रुपये की मांग की है।
आपूर्ति विभाग की ओर से हर महीने प्रति परिवार पांच किलो गेहूं व 10 किलो चावल आवंटित किया जाता है। इसमें पांच किलो गेहूं व ढाई किलो चावल केंद्र से मिलता है। साढ़े सात किलो चावल राज्य सरकार देती है। केंद्र की ओर से पूर्व की भांति पांच किलो गेहूं व ढाई किलो चावल उपभोक्ताओं को मिलता है। राज्य सरकार अपने हिस्से के साढ़े सात किलो चावल के बदले सब्सिडी के 75 रुपये उपभोक्ताओं के बैंक खाते में भेजता है। यह धनराशि राशन उपभोक्ताओं के बैंक खाते में भेजने का प्रावधान है। राज्य खाद्य योजना के तहत प्रदेश में दून में एक लाख 45 हजार परिवारों को लाभ मिलता है। हालांकि इनमें से अब तक मात्र 50 हजार परिवारों ने ही आपूर्ति कार्यालय में अपने बैंक खाते की जानकारी दी है। ऐसे राशन उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ देने में भी परेशानी हो रही है।
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2019-20 में शासन की ओर से चावल की सब्सिडी की धनराशि जारी नहीं की गई है। अप्रैल के बकाया 37 लाख रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई है। धनराशि जारी होते ही खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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-विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली सब्सिडी शासन से जारी नहीं होने के कारण 50 हजार राशन उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पाया है। आपूर्ति विभाग में उपभोक्ताओं ने की शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर 37 लाख रुपये की मांग की है।
आपूर्ति विभाग की ओर से हर महीने प्रति परिवार पांच किलो गेहूं व 10 किलो चावल आवंटित किया जाता है। इसमें पांच किलो गेहूं व ढाई किलो चावल केंद्र से मिलता है। साढ़े सात किलो चावल राज्य सरकार देती है। केंद्र की ओर से पूर्व की भांति पांच किलो गेहूं व ढाई किलो चावल उपभोक्ताओं को मिलता है। राज्य सरकार अपने हिस्से के साढ़े सात किलो चावल के बदले सब्सिडी के 75 रुपये उपभोक्ताओं के बैंक खाते में भेजता है। यह धनराशि राशन उपभोक्ताओं के बैंक खाते में भेजने का प्रावधान है। राज्य खाद्य योजना के तहत प्रदेश में दून में एक लाख 45 हजार परिवारों को लाभ मिलता है। हालांकि इनमें से अब तक मात्र 50 हजार परिवारों ने ही आपूर्ति कार्यालय में अपने बैंक खाते की जानकारी दी है। ऐसे राशन उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ देने में भी परेशानी हो रही है।
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2019-20 में शासन की ओर से चावल की सब्सिडी की धनराशि जारी नहीं की गई है। अप्रैल के बकाया 37 लाख रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई है। धनराशि जारी होते ही खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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-विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी