{"_id":"5ba14def867a557eb6031bb5","slug":"101537297903-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीम की निगरानी में होगी चीनी की बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीम की निगरानी में होगी चीनी की बिक्री
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
इकबालपुर शुगर मिल से छह सदस्यीय टीम की निगरानी में चीनी की बिक्री होगी। चीनी बिक्री से आने वाले समस्त पैसे से किसानों का भुगतान किया जाएगा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) की अध्यक्षता में किसान नेता, शुगर मिल के अधिकारियों व गन्ना विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। वहीं आरोपी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया चल रहा करीब 140 करोड़ रुपये को लेकर किसान नेता मोर्चा खोले हुए हैं। इसके चलते पिछले दिनों डीसीओ शैलेंद्र सिंह शुगर मिल में चीनी का स्टाक चेक करने इकबालपुर शुगर मिल में पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर किसानों और शुगर मिल के अधिकारियों के बीच मारपीट हो गई थी। इसमें दोनों ओर से मुकदमें दर्ज कराए गए थे। इसके बाद से किसानों ने चीनी बिक्री पर रोक लगा दी थी। सोमवार को शुगर मिल द्वारा कुछ चीनी की बिक्री की गई थी। इसके लेकर मौके पर किसानों ने जमकर हंगामा किया था। मंगलवार को शुगर मिल के अधिकारियों, किसान नेताओं व गन्ना विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक जेएम ने अपने कार्यालय में ली। इसमें किसानों की दो मांगों पर विचार विर्मश किया गया। किसानों की मांग है कि उन्हें बताया जाए कि चीनी बिक्री से किसानों का कितना भुगतान किया जाएगा, वहीं दूसरी की किसानों के साथ मारपीट करने वाले अधिकारियों को बाहर किया जाए। जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि शुगरमिल के द्वारा बेची जाने वाली चीनी का पूरा पैसा किसानों को भुगतान के रूप में दिया जाएगा। वहीं आरोपी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इकबालपुर शुगरमिल से होने वाली चीनी की बिक्री को लेकर टीम गठित की गई है। जिसमें ज्वाइंट मजिस्टे्रट, डीसीओ, रुड़की व ज्वालापुर समिति के सचिव, इकबालपुर समिति के चेयरमैन, व अपर तहसीलदार को सम्मलित किया गया है। टीम की निगरानी में चीनी की बिक्री की जाएगी।
विज्ञापन
इकबालपुर शुगर मिल से छह सदस्यीय टीम की निगरानी में चीनी की बिक्री होगी। चीनी बिक्री से आने वाले समस्त पैसे से किसानों का भुगतान किया जाएगा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) की अध्यक्षता में किसान नेता, शुगर मिल के अधिकारियों व गन्ना विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। वहीं आरोपी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया चल रहा करीब 140 करोड़ रुपये को लेकर किसान नेता मोर्चा खोले हुए हैं। इसके चलते पिछले दिनों डीसीओ शैलेंद्र सिंह शुगर मिल में चीनी का स्टाक चेक करने इकबालपुर शुगर मिल में पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर किसानों और शुगर मिल के अधिकारियों के बीच मारपीट हो गई थी। इसमें दोनों ओर से मुकदमें दर्ज कराए गए थे। इसके बाद से किसानों ने चीनी बिक्री पर रोक लगा दी थी। सोमवार को शुगर मिल द्वारा कुछ चीनी की बिक्री की गई थी। इसके लेकर मौके पर किसानों ने जमकर हंगामा किया था। मंगलवार को शुगर मिल के अधिकारियों, किसान नेताओं व गन्ना विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक जेएम ने अपने कार्यालय में ली। इसमें किसानों की दो मांगों पर विचार विर्मश किया गया। किसानों की मांग है कि उन्हें बताया जाए कि चीनी बिक्री से किसानों का कितना भुगतान किया जाएगा, वहीं दूसरी की किसानों के साथ मारपीट करने वाले अधिकारियों को बाहर किया जाए। जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि शुगरमिल के द्वारा बेची जाने वाली चीनी का पूरा पैसा किसानों को भुगतान के रूप में दिया जाएगा। वहीं आरोपी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इकबालपुर शुगरमिल से होने वाली चीनी की बिक्री को लेकर टीम गठित की गई है। जिसमें ज्वाइंट मजिस्टे्रट, डीसीओ, रुड़की व ज्वालापुर समिति के सचिव, इकबालपुर समिति के चेयरमैन, व अपर तहसीलदार को सम्मलित किया गया है। टीम की निगरानी में चीनी की बिक्री की जाएगी।
विज्ञापन