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ब्वॉयज स्कूल में नया बदलाव लेकर आई पहली छात्रा
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
92 साल पुराने कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल में बृहस्पतिवार को इतिहास रचा गया। स्थापना से आज तक केवल लड़कों को पढ़ाने वाले इस स्कूल में नन्हीं बेटी शेकायना मुखिया पहली छात्रा बनीं। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कक्षा में जाकर शेकायना काफी खुश नजर आईं। उनका कहना था कि वह कोई लड़कों से कम हैं क्या। स्कूल के इस फैसले से शेकायना का परिवार भी काफी खुश नजर आया। खास बात यह है कि उनके माता-पिता भी इसी स्कूल में शिक्षक हैं। स्कूल चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह ने कहा कि शेकायना एक नया बदलाव लेकर आई हैं। स्कूल प्रबंधन को छात्राओं को पढ़ाने में कोई परेशानी नहीं है।
डालनवाला स्थित कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल की स्थापना 17 मार्च 1926 को हुई थी। उस वक्त कर्नल विलियम ब्राउन ने पांच छात्रों के साथ स्कूल स्थापित किया। तब से आज तक यह केवल ब्वॉयज का स्कूल है। यहां करीब 250 लड़के पढ़ते हैं, लेकिन वाइस इंडिया किड्स फेम शेकायना के अभिभावकों ने स्कूल चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह से बेटी के दाखिले की बात की। छात्रों के स्कूल में छात्रा का दाखिला मुश्किल काम था, लेकिन असंभव नहीं। स्कूल प्रबंधन ने अपने नियम में ढील दी और शेकायना का दाखिला स्कूल में कक्षा सात में हो गया। बृहस्पतिवार को शेकायना का स्कूल में पहला दिन था।
क्लास के बाद वह काफी खुश नजर आईं। पहली बार वह ऐसी कक्षा में बैठी, जहां सभी लड़के थे। शेकायना अब कैंब्रिज स्कूल के इतिहास में दर्ज हो गई हैं। वह पहली ऐसी छात्रा हैं, जो लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। शेकायना के पिता यहां संगीत के शिक्षक और माता भी शिक्षिका हैं। परिवार में इस अनोखे मामले को लेकर उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि बेटी एक दिन नाम रोशन करेगी। शेकायना इससे पहले एक निजी चैनल के टीवी रियलिटी शो वाइस इंडिया किड्स में छठे स्थान पर रह चुकी हैं।
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मैं क्या लड़कों से कम हूं : शेकायना
कर्नल ब्राउन स्कूल की छात्रा शेकायना ने क्लास के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि लड़कों के स्कूल में आप अकेली लड़की हो तो तपाक से बोलीं कि मैं क्या लड़कों से कम हूं। नन्हीं शेकायना का कहना है कि वह इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। गायिका बनकर नाम कमाने का सपना रखने वाली शेकायना ने बताया कि इस स्कूल में टीचर्स बच्चे की पढ़ाई पर बहुत ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं। वह सामान्य छात्रों की तरह ही यहां शिक्षा ले रही हैं। पहले दिन कक्षा में सभी छात्रों ने उनका स्वागत किया।
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शेकायना एक नया बदलाव लेकर आई : डॉ. इंदु बाला
देहरादून (ब्यूरो)। कर्नल ब्राउन स्कूल की चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह का कहना है कि उनके लिए छात्र या छात्रा का अंतर नहीं है। अगर ब्वॉयज स्कूल में एक छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रही है तो इसे वह बेटियों के लिए एक अच्छी शुरुआत बता रही हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि वह स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों के बच्चों को स्कूल के खर्च से शिक्षा दिलाती आई हैं।
उत्तराखंड का पहला ब्वॉयज बोर्डिंग कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल अपनी कई खासियतों के चलते दूसरे स्कूलों से अलग है। दून स्कूल की तरह यहां भी देश के पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर तमाम बड़े नेता-अभिनेता, कलाकारों ने शिक्षा ग्रहण की है। आज भी यह स्कूल छात्रों की होड़ से अलग सीमित छात्र संख्या पर चल रहा है। स्कूल की चेयरमैन डॉ. इंदु बाला के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, अभिनेता राज कपूर से लेकर तमाम नामी लोगों ने स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। चूंकि स्कूल केवल ब्वॉयज के लिए रहा है, इसलिए छात्राओं को एंट्री नहीं थी, लेकिन शेकायना के आने के बाद भविष्य में हो सकता है कि इससे बेटियों को प्रोत्साहन मिले।
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92 साल पुराने कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल में बृहस्पतिवार को इतिहास रचा गया। स्थापना से आज तक केवल लड़कों को पढ़ाने वाले इस स्कूल में नन्हीं बेटी शेकायना मुखिया पहली छात्रा बनीं। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कक्षा में जाकर शेकायना काफी खुश नजर आईं। उनका कहना था कि वह कोई लड़कों से कम हैं क्या। स्कूल के इस फैसले से शेकायना का परिवार भी काफी खुश नजर आया। खास बात यह है कि उनके माता-पिता भी इसी स्कूल में शिक्षक हैं। स्कूल चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह ने कहा कि शेकायना एक नया बदलाव लेकर आई हैं। स्कूल प्रबंधन को छात्राओं को पढ़ाने में कोई परेशानी नहीं है।
डालनवाला स्थित कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल की स्थापना 17 मार्च 1926 को हुई थी। उस वक्त कर्नल विलियम ब्राउन ने पांच छात्रों के साथ स्कूल स्थापित किया। तब से आज तक यह केवल ब्वॉयज का स्कूल है। यहां करीब 250 लड़के पढ़ते हैं, लेकिन वाइस इंडिया किड्स फेम शेकायना के अभिभावकों ने स्कूल चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह से बेटी के दाखिले की बात की। छात्रों के स्कूल में छात्रा का दाखिला मुश्किल काम था, लेकिन असंभव नहीं। स्कूल प्रबंधन ने अपने नियम में ढील दी और शेकायना का दाखिला स्कूल में कक्षा सात में हो गया। बृहस्पतिवार को शेकायना का स्कूल में पहला दिन था।
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क्लास के बाद वह काफी खुश नजर आईं। पहली बार वह ऐसी कक्षा में बैठी, जहां सभी लड़के थे। शेकायना अब कैंब्रिज स्कूल के इतिहास में दर्ज हो गई हैं। वह पहली ऐसी छात्रा हैं, जो लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। शेकायना के पिता यहां संगीत के शिक्षक और माता भी शिक्षिका हैं। परिवार में इस अनोखे मामले को लेकर उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि बेटी एक दिन नाम रोशन करेगी। शेकायना इससे पहले एक निजी चैनल के टीवी रियलिटी शो वाइस इंडिया किड्स में छठे स्थान पर रह चुकी हैं।
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मैं क्या लड़कों से कम हूं : शेकायना
कर्नल ब्राउन स्कूल की छात्रा शेकायना ने क्लास के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि लड़कों के स्कूल में आप अकेली लड़की हो तो तपाक से बोलीं कि मैं क्या लड़कों से कम हूं। नन्हीं शेकायना का कहना है कि वह इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। गायिका बनकर नाम कमाने का सपना रखने वाली शेकायना ने बताया कि इस स्कूल में टीचर्स बच्चे की पढ़ाई पर बहुत ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं। वह सामान्य छात्रों की तरह ही यहां शिक्षा ले रही हैं। पहले दिन कक्षा में सभी छात्रों ने उनका स्वागत किया।
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शेकायना एक नया बदलाव लेकर आई : डॉ. इंदु बाला
देहरादून (ब्यूरो)। कर्नल ब्राउन स्कूल की चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह का कहना है कि उनके लिए छात्र या छात्रा का अंतर नहीं है। अगर ब्वॉयज स्कूल में एक छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रही है तो इसे वह बेटियों के लिए एक अच्छी शुरुआत बता रही हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि वह स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों के बच्चों को स्कूल के खर्च से शिक्षा दिलाती आई हैं।
उत्तराखंड का पहला ब्वॉयज बोर्डिंग कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल अपनी कई खासियतों के चलते दूसरे स्कूलों से अलग है। दून स्कूल की तरह यहां भी देश के पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर तमाम बड़े नेता-अभिनेता, कलाकारों ने शिक्षा ग्रहण की है। आज भी यह स्कूल छात्रों की होड़ से अलग सीमित छात्र संख्या पर चल रहा है। स्कूल की चेयरमैन डॉ. इंदु बाला के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, अभिनेता राज कपूर से लेकर तमाम नामी लोगों ने स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। चूंकि स्कूल केवल ब्वॉयज के लिए रहा है, इसलिए छात्राओं को एंट्री नहीं थी, लेकिन शेकायना के आने के बाद भविष्य में हो सकता है कि इससे बेटियों को प्रोत्साहन मिले।