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विवादित जमीन पर नगर निगम खड़ी कर रहा दीवार
Updated Fri, 22 Dec 2017 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
नगर निगम की ओर से डालनवाला स्थित विवादित करोड़ों की चार बीघा जमीन पर दीवार बनाई जा रही है। जबकि बीते दिनों हाईकोर्ट ने पहले पक्ष को राहत देते हुए मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
बीते आठ दिसंबर को सहारनपुर निवासी तारिक अतहर पक्ष की ओर से डालनवाला थाने से सटी करीब चार बीघा जमीन पर चारदीवारी बनाई जा रही थी। इस दौरान नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंच जमीन को अपनी संपत्ति बताई थी। साथ ही चारदीवारी को गिरा दिया था। तारिक का दावा था कि जमीन उनकी है। निचली अदालत ने उनके पक्ष में आदेश दिया है। दोबारा फिर से चारदीवारी खड़ी करने की सूचना पर मेयर, नगर आयुक्त समेत निगम की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन, पुलिस ने निगम को कार्रवाई नहीं करने दी। नगर निगम ने जिला अदालत में याचिका दायर की। जिस पर जिला अदालत ने निचली अदालत के आदेश को स्थगित कर दिया। आदेश के आधार पर निगम ने चारदीवारी फिर से तोड़ दी। जिस पर पहला पक्ष हाईकोर्ट चला गया। बीते 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। लेकिन, इसके बावजूद नगर निगम की ओर से चारदीवारी बनाए जाने का कार्य जारी है।
........
तारिक पक्ष को अगर लगता है कि निगम उनके साथ गलत कर रहा है तो वह न्यायालय की शरण ले सकते हैं। हम भी न्यायालय में ही अपना जवाब देंगे।
- विनोद चमोली, मेयर
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नगर निगम की ओर से डालनवाला स्थित विवादित करोड़ों की चार बीघा जमीन पर दीवार बनाई जा रही है। जबकि बीते दिनों हाईकोर्ट ने पहले पक्ष को राहत देते हुए मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
बीते आठ दिसंबर को सहारनपुर निवासी तारिक अतहर पक्ष की ओर से डालनवाला थाने से सटी करीब चार बीघा जमीन पर चारदीवारी बनाई जा रही थी। इस दौरान नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंच जमीन को अपनी संपत्ति बताई थी। साथ ही चारदीवारी को गिरा दिया था। तारिक का दावा था कि जमीन उनकी है। निचली अदालत ने उनके पक्ष में आदेश दिया है। दोबारा फिर से चारदीवारी खड़ी करने की सूचना पर मेयर, नगर आयुक्त समेत निगम की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन, पुलिस ने निगम को कार्रवाई नहीं करने दी। नगर निगम ने जिला अदालत में याचिका दायर की। जिस पर जिला अदालत ने निचली अदालत के आदेश को स्थगित कर दिया। आदेश के आधार पर निगम ने चारदीवारी फिर से तोड़ दी। जिस पर पहला पक्ष हाईकोर्ट चला गया। बीते 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। लेकिन, इसके बावजूद नगर निगम की ओर से चारदीवारी बनाए जाने का कार्य जारी है।
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तारिक पक्ष को अगर लगता है कि निगम उनके साथ गलत कर रहा है तो वह न्यायालय की शरण ले सकते हैं। हम भी न्यायालय में ही अपना जवाब देंगे।
- विनोद चमोली, मेयर