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फतेहाबाद-शमसाबाद में तेंदुए की दहशत
फतेहाबाद-शमसाबाद में तेंदुए की दहशत
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:21 AM IST
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फतेहाबाद-शमसाबाद क्षेत्र में फिर से तेंदुआ देखा गया है मगर, इस बार वह अकेले नहीं है। वन विभाग के अनुसार, मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ रास्ता भटक गई है। तमाम ग्रामीणों ने भी तेंदुए को बच्चे के साथ देखने की पुष्टि की है। इससे दोनों कस्बों में दहशत फैल गई है। इधर, वन विभाग ने ग्रामीणों से सचेत रहने की हिदायत देते हुए तेंदुए पर हमला न करने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से फतेहाबाद और शमसाबाद क्षेत्र में तेंदुआ घूमती हुई दिखाई दी है। उसने कुछ पशुओं पर भी हमला बोल दिया था। इससे ग्रामीणों के रात की नींद उड़ गई है। पशुओं के साथ-साथ उन्हें अपने बच्चों की भी चिंता सताने लगी है। तमाम क्षेत्रों में तेंदुए के साथ-साथ बच्चे के पैरों के निशान देखे गए हैं। इधर, वन विभाग ने तेंदुए की तलाश में टीम सक्रिय कर दी है। लोगों के साथ-साथ तेंदुए की भी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
डीएफओ केके सिंह का कहना है कि नदियों में पानी बढ़ने से मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ इस पार आकर भटक गई है। जैसे ही नदियों में पानी कम होगा, वह जंगल की ओर चली जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि पशुओं को गांवों के बाहर न बांधें। साथ ही घर के बाहर भी बांधें तो आसपास लालटेन या आग जलाकर रखें। ताकि तेंदुए पशुओं के पास न भटक सके। मादा तेंदुआ वैसे भी बच्चे के साथ गांव के अंदर प्रवेश की कोशिश नहीं करेगी।
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बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से फतेहाबाद और शमसाबाद क्षेत्र में तेंदुआ घूमती हुई दिखाई दी है। उसने कुछ पशुओं पर भी हमला बोल दिया था। इससे ग्रामीणों के रात की नींद उड़ गई है। पशुओं के साथ-साथ उन्हें अपने बच्चों की भी चिंता सताने लगी है। तमाम क्षेत्रों में तेंदुए के साथ-साथ बच्चे के पैरों के निशान देखे गए हैं। इधर, वन विभाग ने तेंदुए की तलाश में टीम सक्रिय कर दी है। लोगों के साथ-साथ तेंदुए की भी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
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डीएफओ केके सिंह का कहना है कि नदियों में पानी बढ़ने से मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ इस पार आकर भटक गई है। जैसे ही नदियों में पानी कम होगा, वह जंगल की ओर चली जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि पशुओं को गांवों के बाहर न बांधें। साथ ही घर के बाहर भी बांधें तो आसपास लालटेन या आग जलाकर रखें। ताकि तेंदुए पशुओं के पास न भटक सके। मादा तेंदुआ वैसे भी बच्चे के साथ गांव के अंदर प्रवेश की कोशिश नहीं करेगी।
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