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फर्जी दरोगा बनकर की मंगनी, 11 लाख लिए
jhansi
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:59 AM IST
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- फोटो : sample
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झांसी। लोगों का रुपया और माल ठगते-ठगते एक मासूम का जीवन ठगने निकले बदमाश की पोल पुलिस ने खोल दी। दरोगा बनकर लोगों को ठगने वाले इस बदमाश ने खुद को पुलिस के एक बड़े अफसर का रिश्तेदार बताकर रेलवे के एक जूनियर इंजीनियर की बेटी से शादी तय कर ली थी। मंगनी भी हो गई थी और 11 लाख रुपये दहेज भी ले लिया था। बीस जून को शादी होनी थी। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी मध्य प्रदेश पुलिस के दारोगा का पहचान पत्र भी बरामद किया है। जिला शिवपुरी के थाना दिनारा क्षेत्र के गांव खिरिया जागीर निवासी जयपाल सिंह बघेल अपने साथी के साथ मिलकर लोगों से ठगी करता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात रेलवे के एक जूनियर इंजीनियर से हुई। उसने खुद को दरोगा और एक बड़े पुलिस अफसर का रिश्तेदार बताकर जान पहचान बढ़ा ली। जेई ने अपनी पुत्री का विवाह उसके साथ करने का प्रस्ताव रखा तो उसने स्वीकार कर लिया।
रिश्ता तय होने के बाद अप्रैल में धूमधाम से मंगनी हुई और 20 जून की शादी भी तय हो गई। लड़की पक्ष ने दहेज के रूप में 11 लाख रुपये भी दे दिए। बृहस्पतिवार को जयपाल शिकार की तलाश में झांसी आया था। सीपरी बाजार थानाध्यक्ष विजय कुमार पांडेय को इसकी जानकारी मिली कि जयपाल एक मकान मेें दफीना निकालने के लिए आया है। पुलिस ने शिवानी तिराहा के पास से उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से मध्य प्रदेश पुलिस के एअसाई का पहचान पत्र व शादी का कार्ड बरामद हुआ। कार्ड में उसके नाम के आगे दारोगा देखकर पुलिस चौंक गई। पुलिस के सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कुबूल लिया।
कार्ड पर लिखे लड़की पक्ष के मोबाइल नंबर पर सूचना देकर उन्हें थाने बुलाया। अपने होने वाले जमाई की हकीकत पता चलने पर जेई के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह खुद से हुई ठगी से आहत तो थे, लेकिन भगवान का शुक्रिया भी कर रहे थे कि यदि 20 जून को शादी हो जाती तो जाने क्या होता।
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रिश्ता तय होने के बाद अप्रैल में धूमधाम से मंगनी हुई और 20 जून की शादी भी तय हो गई। लड़की पक्ष ने दहेज के रूप में 11 लाख रुपये भी दे दिए। बृहस्पतिवार को जयपाल शिकार की तलाश में झांसी आया था। सीपरी बाजार थानाध्यक्ष विजय कुमार पांडेय को इसकी जानकारी मिली कि जयपाल एक मकान मेें दफीना निकालने के लिए आया है। पुलिस ने शिवानी तिराहा के पास से उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से मध्य प्रदेश पुलिस के एअसाई का पहचान पत्र व शादी का कार्ड बरामद हुआ। कार्ड में उसके नाम के आगे दारोगा देखकर पुलिस चौंक गई। पुलिस के सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कुबूल लिया।
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कार्ड पर लिखे लड़की पक्ष के मोबाइल नंबर पर सूचना देकर उन्हें थाने बुलाया। अपने होने वाले जमाई की हकीकत पता चलने पर जेई के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह खुद से हुई ठगी से आहत तो थे, लेकिन भगवान का शुक्रिया भी कर रहे थे कि यदि 20 जून को शादी हो जाती तो जाने क्या होता।
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