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हत्या के मामले में चार को उम्रकैद, तीस-तीस हजार का जुर्माना
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को तीन-तीन साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
पुलिस के अनुसार उझा गेट साईं कॉलोनी निवासी सारिका ने 9 नवंबर 2015 को थाना चांदनी बाग पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पति सिलक राम ऑटो चलाता है। सात नवंबर 2015 को उसका पति ऑटो ठीक करवाने के लिए घर से गया था। उसके बाद लौटकर नहीं आया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में खुलासा हुआ कि गांव रिसालू निवासी सुरेश, सतनारायण, अमन और गांव नांगल खेड़ी निवासी विनोद ने सात नवंबर 2015 को सिलक राम के साथ बैठकर शराब पी थी। पुलिस ने बाद में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सिलक राम के साथ बैठकर पहले शराब पी, फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके शव को गांव राजाखेड़ी के पास नाले में फेंक दिया। आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने सिलकराम का एटीएम निकाल लिया था। उसका पासवर्ड उन्हें पहले से ही पता था। एटीएम कार्ड से उन्होंने तीन ट्रांजेक्शन में साठ हजार रुपये निकाले और आपस में बांट लिए।
करीब सवा साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद हत्या के चारों दोषियों को सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत में पेश किया गया। वहां चारों को हत्या का दोषी पाया गया।
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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को तीन-तीन साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
पुलिस के अनुसार उझा गेट साईं कॉलोनी निवासी सारिका ने 9 नवंबर 2015 को थाना चांदनी बाग पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पति सिलक राम ऑटो चलाता है। सात नवंबर 2015 को उसका पति ऑटो ठीक करवाने के लिए घर से गया था। उसके बाद लौटकर नहीं आया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में खुलासा हुआ कि गांव रिसालू निवासी सुरेश, सतनारायण, अमन और गांव नांगल खेड़ी निवासी विनोद ने सात नवंबर 2015 को सिलक राम के साथ बैठकर शराब पी थी। पुलिस ने बाद में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सिलक राम के साथ बैठकर पहले शराब पी, फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके शव को गांव राजाखेड़ी के पास नाले में फेंक दिया। आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने सिलकराम का एटीएम निकाल लिया था। उसका पासवर्ड उन्हें पहले से ही पता था। एटीएम कार्ड से उन्होंने तीन ट्रांजेक्शन में साठ हजार रुपये निकाले और आपस में बांट लिए।
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करीब सवा साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद हत्या के चारों दोषियों को सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत में पेश किया गया। वहां चारों को हत्या का दोषी पाया गया।
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