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सेना भर्ती गोरखधंधाः होमगार्ड जवान से करोड़पति बन गया ये ठग

Wed, 24 May 2017 10:32 PM IST
Updated Wed, 24 May 2017 10:32 PM IST
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Army Recruitment Scam, exclusive story of a member of gang
आरोपी नंद सिंह - फोटो : Amar Ujala
उदयपुर में आयोजित भारतीय सेना भर्ती में रैली के दौरान 100 प्रतिशत की गारंटी देकर अभ्यर्थियों को भर्ती करवाने के बहाने लाखों—करोड़ों रुपए वसूलने वाले गिरोह के चार सदस्यों में से एक सदस्य नंद सिंह उर्फ नन्दलाल सिंह से पूछताछ में हुए खुलासे से एटीएस के अधिकारी भी चौंक गए।
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एटीएस ने मंगलवार रात भारतीय सेना भर्ती में रैली के दौरान 100 प्रतिशत की गारंटी देकर अभ्यर्थियों को भर्ती करवाने के बहाने लाखों—करोड़ों रुपए वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। ये गिरोह पिछले 10 साल से सक्रीय था। नंद सिंह को जयपुर से गिरफ्तार किया। एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि केशव नगर, मुरलीपुरा निवासी आरोपी नन्द सिंह वर्ष 2002 में राजस्थान होमगार्ड में बतौर होमगार्ड जवान भर्ती हुआ था। इस दौरान उसकी आय के स्त्रोत सिर्फ इसी नौकरी से आ रही सैलेरी थी।
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नंद सिंह की मुलाकात अपने एक रिश्तेदार से हो गई। बैनाड़ रोड पर ही रहने से नंदसिंह के रिश्तेदार की गिरोह के अन्य आरोपी सुनील व्यास से जान—पहचान थी। नन्द सिंह की घरेलू स्थिति देखकर होमगार्ड जवान नंदसिंह के रिश्तेदार ने उसकी मुलाकात आरोपी सुनील व्यास से करवा दी।
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तब करीब तीन—चार नंदसिंह ने होमगार्ड की नौकरी छोड़ दी और वह भी अपने रिश्तेदार के साथ सुनील व्यास के लिए बेरोजगार युवकों को सेना में भर्ती की ट्रेनिंग व पढ़ाई के लिए एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी के आॅफिस में लेकर आने लगे। नंदसिंह, उसका  रिश्तेदार और सुनील व्यास मिलकर अभ्यर्थियों को 100 प्रतिशत सेना में भर्ती का आश्वासन देकर मोटी रकम वसूल करने लगे।

इसके बाद नंद सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा

Army Recruitment Scam, exclusive story of a member of gang
ठगी - फोटो : Demo pic
इसी दौरान आरोपी नंदसिंह का संपर्क बालाजी फिजिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के संचालक महेंद्र ओला से हो गया। वह ​इस गिरोह का प्रमुख मास्टर माइंड है। अब नंद सिंह और उसका परिचित और गिरफ्तार आरोपी नोखा बीकानेर निवासी अर्जुन सिंह मिलकर सुनील और महेंद्र ओला के लिए काम करने लगे।

वे सेना भर्ती में आने वाले बेरोजगार युवकों को बातों में फंसाकर इन दोनों आरोपियों के कोचिंग संस्थानों में एडमिशन दिलवाने लगे। इसकी एवज में मोटा कमीशन कमाने लगे। इसके बाद नंद सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कुछ ही सालों में उसने आलीशान मकान बनवा लिया। गाड़ी खरीद ली और लक्जरी जीवन जीने लगा। 

एडिशनल एसपी बजरंग सिंह ने मंगलवार रात को छापा मारा। तब नंद सिंह के मकान से ही पुलिस को दो सूटेकसों में भरे हुए करीब 1 करोड़ 79 लाख रुपए के नोटों की गड्डियां बरामद की। इनमें दो हजार और पांच सौ रुपए के नोट है। मामले में एटीएस ने ठगी के इस केस में नंद सिंह के उस रिश्तेदार को भी नामजद किया है। जिसने उसे सुनील व्यास से मिलवाया। वह फरार है।
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