वनडे टीम में न चुने जाने पर युवी दुखी, दिया इंटरव्यू
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लंबे समय बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के सबसे चहेते युवराज सिंह की टीम इंडिया में वापसी हुई। वह 2014 में वर्ल्ड कप टी-20 में टीम इंडिया का हिस्सा रहे थे, जहां उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा और टूर्नामेंट में टीम की हार के बाद युवी की छुट्टी कर दी गई।
युवी ने 2013 में आखिरी वनडे मैच खेला था। मंगलवार को द टेलीग्राफ में दिए एक इंटरव्यू में युवी ने कहा कि वनडे में शामिल न होना निसंदेह निराशाजनक है। युवी ने तर्क भी दिया कि विजय हजारे ट्रॉफी सीरीज में 50-50 ओवरों के मैच में वह शानदार रहे। पांच मैचों में 85 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ 341 रन बनाए।
युवी ने आगे कहा कि हालांकि खुशी इस बात की है कि टी-20 में ही सही नीली जर्सी पहनकर दोबारा देश का नेतृत्व करना वाकई गर्व की बात है। युवी ने टीम इंडिया के साथी क्रिकेटरों और आगामी चुनौतियों के बारे में भी खुलकर बात की।
युवी ने बताया क्यों चाहते थे वनडे में वापसी
वर्ल्ड कप 2011 में टीम इंडिया की जीत में अहम किरदार निभाने वाले युवराज सिंह ने कहा कि जब आप लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों से बाहर होते हैं तो आपको क्रीज पर वक्त बिताने के लिए समय चाहिए, ऐसे में खुद को साबित करने के लिए वनडे या टेस्ट से बेहतर और कुछ नहीं।
वहीं, दूसरी ओर टी-20 फटाफट क्रिकेट है। यहां बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्रिकेट के अन्य सभी फॉर्मेट से बिल्कुल अलग हैं। चुनौतिया निसंदेह बड़ी है लेकिन पूरा विश्वास है कि खुद को साबित करुंगा। युवी ने यह भी कहा कि भारतीय ड्रेसिंग रुप में उन पर भरोसा करने से ही बात बनेगी और उन्हें पूरा विश्वास है कि उन्हें साथी क्रिकेटरों से वही पुराना प्यार मिलेगा।
युवराज इस वक्त जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं। अगले साल 12 जनवरी से टीम इंडिया 5 वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर रहेगी।