विश्व कप 2019 का रोमांच जोरों पर है। अब तक कुल 37 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जबकि 38वां मुकाबला रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जा रहा है। टीम इंडिया आज के इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ परंपरागत नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरी है। ऐसे में आइए जानते हैं विश्व कप इतिहास में कब-कब टीम इंडिया ने अपनी जर्सी बदली है।
साल 1975 से लेकर 1987 तक विश्व कप टेस्ट क्रिकेट की तरह व्हाइट ड्रेस में खेला जाता था, लेकिन साल 1992 में पहली बार विश्व कप कलरफुल ड्रेस में खेला गया। इसके बाद 1992 के वर्ल्ड कप में भारतीय प्लेयर्स की जर्सी इंडिगो कलर की थी, जिस पर शोल्डर्स पर कलरफुल स्ट्राइप्स बनी हुई है। इसके अलावा ड्रेस के आगे टीम का नाम और पीछे प्लेयर का नाम लिखा होता था।
1996 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जर्सी पीले और आसमानी रंग के कॉम्बिनेशन में नजर आई। इस जर्सी में पीले रंग के कॉलर थे और सफेद और पीले रंग की सीधी पट्टियां थीं। इसके अलावा ड्रेस पर सतरंगी रंग के तीर जैसा बैंड प्रिंट थे, जो छाती से होते हुए नीचे बांह तक आते थे।
साल 2003 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी बिल्कुल बदल गई या ऐसा कहिए स्टाइलिश और अच्छी हो गई थी। जर्सी के दोनों साइड काले रंग की मोटी पट्टियां बनाई गई थीं। तिरंगे के ब्रश प्रिंट ने ड्रेस में जान डाल दी थी और बिल्कुल बीच में लिखे इंडिया से यह जर्सी बेहद खास लग रही थी। इसके अलावा ट्रैक पैंट्स के दोनों तरफ छोटा सा भारतीय तिरंगा लगाया गया था।
साल 2007 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी को पहले से भी ज्यादा स्टाइलिश बनाने की कोशिश की गई। अब भारतीय तिरंगा बीच से हटकर थोड़ा ऊपर चला गया। इसके साथ ही ड्रेस में से काली पट्टियां हटा दी गईं। INDIA को भी नए फॉन्ट में लिखा गया।