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IND vs SA: कोहली-शास्त्री वर्कलोड की बात करते रहे पर किसी ने नहीं सुना, अब राहुल-कुलदीप की चोट से सबक लेना जरूरी
Thu, 09 Jun 2022 05:30 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 09 Jun 2022 05:30 PM IST
सार
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से पहले भारत के दो अहम खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं। इन खिलाड़ियों की चोट बीसीसीआई के लिए बड़ी चेतावनी है। आने वाले समय में खिलाड़ियों वर्कलोड सही न होने पर भारतीय क्रिकेट परेशानी में फंस सकता है।
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केएल राहुल और कुलदीप यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। टीम के दो अहम खिलाड़ी सीरीज की शुरुआत से पहले चोटिल हो गए हैं। इनमें कप्तान राहुल का भी नाम शामिल है, जिनकी जगह ऋषभ पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहला मौका नहीं है, जब किसी सीरीज से पहले भारत के खिलाड़ी चोटिल हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका दौरे से ठीक पहले भी भारत के कप्तान रोहित शर्मा और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा चोटिल हो गए थे। जडेजा इस सीरीज में भी चोट के चलते बाहर हैं।
भारत की मौजूदा टीम के शुरुआती पांच बल्लेबाजों की बात करें तो सिर्फ ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जो पिछले कुछ समय में टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। वहीं, टीम में सिर्फ चार-पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो भारत की टी20 टीम की पहली पसंद हैं। टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा से लेकर विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूदा टीम में नहीं हैं। ऐसे में बीसीसीआई के वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टी20 में ये खिलाड़ी हैं चयनकर्ताओं की पहली पसंद
रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर/सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, हर्षल पटेल, युजवेन्द्र चहल।
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की मौजूदा टीम
ऋतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, आवेश खान, युजवेंद्र चहल, दीपक हुड्डा, वेंकटेश अय्यर, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, उमरान मलिक।
भारत की मौजूद टीम में सिर्फ पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो टी20 में चयनकर्ताओं की पहली पसंद हो सकते हैं। बाकी छह खिलाड़ियों के लिए यह सीरीज टीम में जगह बनाने के लिए एक मौके की तरह है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दक्षिण अफ्रीका जैसे टीम के खिलाफ प्लेइंग 11 में छह युवा या वापसी कर रहे खिलाड़ियों को मौका देना उचित है। क्योंकि अफ्रीका की टीम भारतीय जमीन पर अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। वहीं, अगर युवा खिलाड़ी टी20 सीरीज खेलेंगे तो विश्वकप में सीधे सीनियर खिलाड़ियों को मौका क्यों? मौका मिलने पर भी प्रदर्शन अच्छा न रहने पर हार का ठीकरा सीनियर खिलाड़ियों पर ही फोड़ा जाता है।
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भारत की मौजूदा टीम के शुरुआती पांच बल्लेबाजों की बात करें तो सिर्फ ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जो पिछले कुछ समय में टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं। वहीं, टीम में सिर्फ चार-पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो भारत की टी20 टीम की पहली पसंद हैं। टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा से लेकर विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूदा टीम में नहीं हैं। ऐसे में बीसीसीआई के वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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टी20 में ये खिलाड़ी हैं चयनकर्ताओं की पहली पसंद
रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर/सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, हर्षल पटेल, युजवेन्द्र चहल।
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की मौजूदा टीम
ऋतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, आवेश खान, युजवेंद्र चहल, दीपक हुड्डा, वेंकटेश अय्यर, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, उमरान मलिक।
भारत की मौजूद टीम में सिर्फ पांच खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जो टी20 में चयनकर्ताओं की पहली पसंद हो सकते हैं। बाकी छह खिलाड़ियों के लिए यह सीरीज टीम में जगह बनाने के लिए एक मौके की तरह है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दक्षिण अफ्रीका जैसे टीम के खिलाफ प्लेइंग 11 में छह युवा या वापसी कर रहे खिलाड़ियों को मौका देना उचित है। क्योंकि अफ्रीका की टीम भारतीय जमीन पर अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। वहीं, अगर युवा खिलाड़ी टी20 सीरीज खेलेंगे तो विश्वकप में सीधे सीनियर खिलाड़ियों को मौका क्यों? मौका मिलने पर भी प्रदर्शन अच्छा न रहने पर हार का ठीकरा सीनियर खिलाड़ियों पर ही फोड़ा जाता है।
वर्कलोड है बड़ी समस्या
भारतीय खिलाड़ी लगातार मैच खेल रहे हैं। आईपीएल के बाद सीधे टी20 सीरीज हो रही है और उसके तुरंत बाद इंग्लैंड का दौरा होना है। ऐसे में हर खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना मुश्किल हो रहा है। हर सीरीज में दो से तीन अहम खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है। ऐसे में एक या दो खिलाड़ियों के चोटिल होने पर आधी टीम ही बदल जाती है और भारत का जीतना मुश्किल हो जाता है। यही हाल दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हुआ था।
कोहली-शास्त्री बोलते रहे पर किसी ने नहीं सुना
विराट कोहली ने लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी की। इस दौरान रवि शास्त्री टीम के कोच रहे। दोनों ने कई बार वर्कलोड का मुद्दा उठाया और बीसीसीआई से मैचों की संख्या कम करने की अपील की। हालांकि, किसी ने यह बात नहीं सुनी और अंत में कोहली ने अपना वर्कलोड कम करने के लिए कप्तानी छोड़ दी। अब एक साल के अंतराल में यह दूसरा मौका है, जब भारत की एक टीम सीमित ओवर की सीरीज खेल रही है और दूसरी टीम टेस्ट मैच की तैयारी में जुटी हुई है।
राहुल-कुलदीप की चोट से सबक जरूरी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में राहुल और कुलदीप यादव के चोटिल होने के बाद टीम इंडिया में आधे खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी टीम में जगह पक्की नहीं है। इन सभी खिलाड़ियों के दम पर अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद करना बेमानी होगी। बीसीसीआई को इन खिलाड़ियों की चोट से सीख लेने की जरूरत है। अगर आने वाले समय में खिलाड़ियों का वर्कलोड कम नहीं हुआ तो अहम मौकों पर भारत के खिलाड़ी चोट या दूसरी वजहों के चलते टीम से बाहर होते रहेंगे और इसका प्रदर्शन भारत के रिकॉर्ड पर भी पड़ेगा।
भारतीय खिलाड़ी लगातार मैच खेल रहे हैं। आईपीएल के बाद सीधे टी20 सीरीज हो रही है और उसके तुरंत बाद इंग्लैंड का दौरा होना है। ऐसे में हर खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना मुश्किल हो रहा है। हर सीरीज में दो से तीन अहम खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है। ऐसे में एक या दो खिलाड़ियों के चोटिल होने पर आधी टीम ही बदल जाती है और भारत का जीतना मुश्किल हो जाता है। यही हाल दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हुआ था।
कोहली-शास्त्री बोलते रहे पर किसी ने नहीं सुना
विराट कोहली ने लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी की। इस दौरान रवि शास्त्री टीम के कोच रहे। दोनों ने कई बार वर्कलोड का मुद्दा उठाया और बीसीसीआई से मैचों की संख्या कम करने की अपील की। हालांकि, किसी ने यह बात नहीं सुनी और अंत में कोहली ने अपना वर्कलोड कम करने के लिए कप्तानी छोड़ दी। अब एक साल के अंतराल में यह दूसरा मौका है, जब भारत की एक टीम सीमित ओवर की सीरीज खेल रही है और दूसरी टीम टेस्ट मैच की तैयारी में जुटी हुई है।
राहुल-कुलदीप की चोट से सबक जरूरी
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में राहुल और कुलदीप यादव के चोटिल होने के बाद टीम इंडिया में आधे खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी टीम में जगह पक्की नहीं है। इन सभी खिलाड़ियों के दम पर अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद करना बेमानी होगी। बीसीसीआई को इन खिलाड़ियों की चोट से सीख लेने की जरूरत है। अगर आने वाले समय में खिलाड़ियों का वर्कलोड कम नहीं हुआ तो अहम मौकों पर भारत के खिलाड़ी चोट या दूसरी वजहों के चलते टीम से बाहर होते रहेंगे और इसका प्रदर्शन भारत के रिकॉर्ड पर भी पड़ेगा।