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Virat Kohli: तीनों फॉर्मेट में कैसे आसानी से रन बना लेते हैं विराट, बल्लेबाजी कोच ने बताई उनकी सबसे बड़ी खूबी
Tue, 18 Jul 2023 05:08 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 18 Jul 2023 05:08 PM IST
सार
डोमिनिका की पिच में गेंद रुककर आ रही थी और बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान नहीं था। ऐसे में विराट ने हालातों के हिसाब से अपना खेल बदला और चौके लगाने की बजाय एक या दो रन भागकर ज्यादा रन बनाए।
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विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने एक बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली की कमजोरी और खूबियों पर बात की है। उन्होंने बताया कि विराट की कौन सी खूबी उन्हें हर फॉर्मेट में एक सफल बल्लेबाज बनाती है। राठौर के अनुसार कोहली हमेशा हालातों के हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं और उनकी यही खूबी तीनों फॉर्मेट में उनकी सफलता का राज है। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में अच्छी लय में दिखे। स्पिनर्स के लिए अनुकूल पिच पर विराट के बल्ले से 76 रन निकले।
डोमिनिका की पिच में गेंद रुककर आ रही थी और बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान नहीं था। ऐसे में विराट ने हालातों के हिसाब से अपना खेल बदला और चौके लगाने की बजाय एक या दो रन भागकर ज्यादा रन बनाए। कोहली को पिछले कुछ वर्षों में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ परेशानी हुई है, लेकिन इस मैच में उन्होंने हालातों के अनुसार अपना खेल बदला। वह संभलकर खेले और बड़े शॉट लगाने की कोशिश नहीं की। कई मौकों पर वह आउट होने से बाल-बाल बचे, लेकिन इन गेंदों को उन्होंने अपने दिमाग में हावी नहीं होने दिया और पिच पर डंटे रहे। कोहली का रक्षात्मक स्टांस और उनकी तकनीक बेहतरीन थी और युवाओं को उनसे बहुत कुछ सीखना चाहिए।
विक्रम ने कहा, "एक बल्लेबाजी कोच के तौर पर मुझे लगता है क्रिकेट हालातों के हिसाब से खुद को ढालने का खेल है। विराट एक आक्रामक खिलाड़ी हैं, जिन्हें विपक्षी टीम पर हावी होना पसंद है, लेकिन एक बेहतर खिलाड़ी वही है जो अपने खेल को कभी भी बदल सके, जो परिस्थिति और टीम के मुताबिक खेल सके। यह उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह हर प्रारूप अलग तरह से खेल सकते हैं, और परिस्थिति के मुताबिक अपने गेम में बदलाव कर सकते हैं। उन्होंने यह वेस्टइंडीज के खिलाफ उस पिच पर यह दिखाया जो इतनी ज्यादा टर्न हो रही थी। जिस तरह से उन्होंने बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के खिलाफ रक्षात्मक रवैया दिखाया, वह कई युवाओं के लिए एक सीख है।"
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विराट अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचने के बाद एक हजार से ज्यादा दिन तक शतक नहीं लगा पाए थे। इस पर विक्रम ने कहा कि विराट अपने शानदार करियर में अधिकतर समय बेहतरीन फॉर्म में थे। उनके करियर में ऐसा फेज आना बचा हुआ था, जिसमें रन बनाना मुश्किल हो। हालांकि, अब कोहली इससे बाहर आ चुके हैं और राठौर को विश्वास है कि जल्द ही एक और शतकीय पारी उनके बल्ले से आने वाली है।
विक्रम ने कहा, "विराट काफी वर्षों तक बेहरीन फॉर्म में रहे, उन्होंने निरंतर सात-आठ वर्षों तक रन बनाए। क्रिकेट के लॉजिक के मुताबिक उनका एक कठिन फेज आना बचा हुआ था। उनके करियर के जिन पांच वर्षों में उन्होंने शतक नहीं बनाया, उनमें से तीन तो कोविड में निकल गए। उस समय मैच ज्यादा अंतराल में कई प्रतिबंधों के साथ हो रहे थे। अब उन पर बात करने का फायदा नहीं हैं, क्योंकि वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जिस तरह वह बल्लेबाजी कर रहे हैं वह जरूर शतक बनाएंगे।"
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डोमिनिका की पिच में गेंद रुककर आ रही थी और बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान नहीं था। ऐसे में विराट ने हालातों के हिसाब से अपना खेल बदला और चौके लगाने की बजाय एक या दो रन भागकर ज्यादा रन बनाए। कोहली को पिछले कुछ वर्षों में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ परेशानी हुई है, लेकिन इस मैच में उन्होंने हालातों के अनुसार अपना खेल बदला। वह संभलकर खेले और बड़े शॉट लगाने की कोशिश नहीं की। कई मौकों पर वह आउट होने से बाल-बाल बचे, लेकिन इन गेंदों को उन्होंने अपने दिमाग में हावी नहीं होने दिया और पिच पर डंटे रहे। कोहली का रक्षात्मक स्टांस और उनकी तकनीक बेहतरीन थी और युवाओं को उनसे बहुत कुछ सीखना चाहिए।
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विक्रम ने कहा, "एक बल्लेबाजी कोच के तौर पर मुझे लगता है क्रिकेट हालातों के हिसाब से खुद को ढालने का खेल है। विराट एक आक्रामक खिलाड़ी हैं, जिन्हें विपक्षी टीम पर हावी होना पसंद है, लेकिन एक बेहतर खिलाड़ी वही है जो अपने खेल को कभी भी बदल सके, जो परिस्थिति और टीम के मुताबिक खेल सके। यह उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह हर प्रारूप अलग तरह से खेल सकते हैं, और परिस्थिति के मुताबिक अपने गेम में बदलाव कर सकते हैं। उन्होंने यह वेस्टइंडीज के खिलाफ उस पिच पर यह दिखाया जो इतनी ज्यादा टर्न हो रही थी। जिस तरह से उन्होंने बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के खिलाफ रक्षात्मक रवैया दिखाया, वह कई युवाओं के लिए एक सीख है।"
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विराट अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचने के बाद एक हजार से ज्यादा दिन तक शतक नहीं लगा पाए थे। इस पर विक्रम ने कहा कि विराट अपने शानदार करियर में अधिकतर समय बेहतरीन फॉर्म में थे। उनके करियर में ऐसा फेज आना बचा हुआ था, जिसमें रन बनाना मुश्किल हो। हालांकि, अब कोहली इससे बाहर आ चुके हैं और राठौर को विश्वास है कि जल्द ही एक और शतकीय पारी उनके बल्ले से आने वाली है।
विक्रम ने कहा, "विराट काफी वर्षों तक बेहरीन फॉर्म में रहे, उन्होंने निरंतर सात-आठ वर्षों तक रन बनाए। क्रिकेट के लॉजिक के मुताबिक उनका एक कठिन फेज आना बचा हुआ था। उनके करियर के जिन पांच वर्षों में उन्होंने शतक नहीं बनाया, उनमें से तीन तो कोविड में निकल गए। उस समय मैच ज्यादा अंतराल में कई प्रतिबंधों के साथ हो रहे थे। अब उन पर बात करने का फायदा नहीं हैं, क्योंकि वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। जिस तरह वह बल्लेबाजी कर रहे हैं वह जरूर शतक बनाएंगे।"