अजिंक्य भारत: केवल 36 रन पर भारत को समेटने वाली मजबूत ऑस्ट्रेलिया को क्यों मिली इतनी शर्मनाक हार?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैच की टेस्ट सीरीज जारी है। एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम अपने टेस्ट के न्यूनतम स्कोर पर सिमट गई थी। महज 36 रन पर भारतीय पारी निपटने के बाद दुनियाभर के दिग्गजों ने श्रृंखला में टीम इंडिया के 0-4 से हारने की भविष्यवाणी की थी। नियमित कप्तान कोहली, मोहम्मद शमी सरीखे खिलाड़ियों के बिना बॉक्सिंग-डे टेस्ट में नए कप्तान के साथ भारत काफी कमजोर लग रहा था, लेकिन ऐसा क्या हुआ जो जीत के प्रबल दावेदार मेजबान कंगारूओं को इतनी शर्मनाक हार झेलनी पड़ी।
ऑस्ट्रेलिया के न तो बल्लेबाज रंग में नजर आए और न ही गेंदबाजी में वह पुरानी धार दिखी। और तो और 11 खिलाड़ियों ने दो पारी में कुल आठ कैच भी टपकाए यानी फिल्डिंग भी घटिया ही रही। ऑस्ट्रेलिया ने इस टेस्ट में 195 और 200 रन बनाए, उसका कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं बना सका। हार के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने कहा कि उनकी टीम को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की जरूरत नहीं है, लेकिन शीर्ष क्रम को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
पेन ने स्वीकार किया कि खराब बल्लेबाजी और लचर क्षेत्ररक्षरण टीम की हार के कारण रहे। उन्होंने कहा, 'कम स्कोर एक कारण था और हमने कैच भी टपकाए। क्षेत्ररक्षण खराब था।' ऑस्ट्रेलिया ने अजिंक्य रहाणे को भी जीवनदान दिया, जिन्होंने शतक जमाया। दूसरी पारी में भी रहाणे को मिचेल स्टार्क ने जीवनदान दिया। पेन ने इस बात से इनकार किया कि एडिलेड में मिली जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया ने तैयारी में कोताही बरती।
कामचलाऊ सलामी बल्लेबाज मैथ्यू वेड ने 30 और 40 रन बनाए जबकि मार्नस लाबुशेन ने 28 और 48 रन की पारियां खेली, लेकिन जो बर्न्स और ट्रेविस हेड कोई कमाल नहीं कर सके। टीम के नंबर एक बल्लेबाज स्टीव स्मिथ पूरी तरह से फ्लॉप रहे। पेन ने मैच के बाद कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की जरूरत है। हमें बेहतर बल्लेबाजी करनी होगी, इससे फर्क नहीं पड़ता कि क्रीज पर कौन है। हमें रन बनाने होंगे। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में शीर्ष सात का यही काम है।'
पेन ने कहा, 'हमने तैयारी में कोई बदलाव नहीं किया। एक जीत या हार के बाद ऐसा कोई बदलाव नहीं होता। कई बार अंतरराष्ट्रीय खेल में अंतर इतना कम होता है कि नतीजे अलग अलग आ जाते हैं। जैसा यहां पहले और दूसरे टेस्ट में हुआ। भारतीयों ने काफी अनुशासित गेंदबाजी की। हम बड़ी साझेदारियां नहीं बना सके।'
अंपायरों के फैसले की समीक्षा (डीआरएस) को लेकर नाराजगी जता चुके पेन ने कहा, 'मैने अंपायरों से बात की, लेकिन उसका कोई फल नहीं निकला। कल बात तकनीक की नहीं थी, लेकिन पहली पारी में पुजारा के विकेट को लेकर एक परिपाटी कायम करने की थी। अंपायरों ने रिप्ले ध्यान से देखा नहीं चूंकि गेंद और बल्ले के बीच अंतर था।'