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भारतीय मूल के खिलाड़ी का कमाल: पंजाब ने किया नजरअंदाज तो आयरलैंड से खेला वन डे इंटरनेशनल
amarujala.com-presented by: शरद मिश्र
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:54 PM IST
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सिमरनजीत सिंह
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गुरिंदर संधू और ईश सोढ़ी के बाद पंजाब का एक और खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की ओर सफलता के कदम बढ़ा दिए हैं। सिमरनजीत सिंह आयरलैंड की तरफ से टेस्ट खेलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। सिंह आयरलैंड में रहते हैं। आयरलैंड से वन डे इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। उनका परिवार अभी मोहाली में ही रह रहा है। सिंह आयरलैंड के पहले टेस्ट में अपने हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करने को बेताब हैं। सिंह ने आयरलैंड के प्रथम श्रेणी के मैचों में बेहतर प्रदर्शन किया है। सिंह ने आयरलैंड की तरफ से न्यूजीलैंड के खिलाफ मई में इंटरनेशनल मैच भी खेला है। 30 साल के सिंह वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 सितंबर को होने वाले वन डे मैच में आयरलैंड की टीम के साथ खेलेंगे। उन्हें उम्मीद है वह टेस्ट टीम का भी हिस्सा होंगे।
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आयरलैंड को 22 जून को आईसीसी ने टेस्ट का दर्जा दिया है
सिमरनजीत सिंह
आयलैंड को इसी साल 22 जून को आईसीसी ने टेस्ट का दर्जा दिया है। सिमरनजीत सिंह का सपना टेस्ट खेलना हैं। सिंह ने कहा कि वह भारत की तरफ से क्रिकेट नहीं खेले हैं। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह जल्द ही आयरलैंड की तरफ से टेस्ट खेलकर अपना सपना पूरा करेंगे। पिछले सात सालों में सिंह ने पंजाब की जूनियर टीम अंडर-14 और अंडर-17 की ओर से खेलते हुए काफी रन बनाए और विकेट लिए हैं। लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें पंजाब की अंडर-19 टीम में जगह नहीं दी। 2004 में अंडर-17 में सिंह ने 725 रन बनाए। उन्हें 2001 के नेशनल स्कूल गेम्स विजयवाड़ा में बेस्ट प्लेयर चुना गया। ऐसे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें अंडर-19 टीम में जगह नहीं मिली। उनका देश की तरफ से क्रिकेट खेलने का सपना लगभग टूट गया। बाद में परिजनों की मदद से वह आयरलैंड चले गए और वहां के प्रथम श्रेणी मैचों में हाथ आजमाया।
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पंजाब में अंडर-19 टीम में जगह नहीं मिली।
सिमरनजीत सिंह
सिमरन के कोच भारती विज कहते हैं कि बेहतरीन तकनीक के बावजूद उन्हें अंडर-19 टीम में जगह नहीं मिली। इसके बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी। अब वह आयरलैंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा। सिमरन 2005 में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने आयरलैंड गए। वहां उनके दोस्तों ने सलाह दी कि आयरलैंड में क्रिकेट खेलकर इंटरनेशनल खिलाड़ी बना जा सकता है। सिमरन ने दोस्तों की सलाह मानी और वहां क्रिकेट खेलना शुरू किया। वह वहां एक मैच खेलने के लिए पांच यूरो खर्च करते थे। वह ग्रोसरी की दुकान पर काम करने लगे ताकि वह मैच के लिए पैसे चुका सके। वह कुछ समय बाद वह डबलिन में मलाहाइड क्लब से पेशेवर क्रिकेट खेलने लगे। इसी बीच 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई। सिंह ने किंग्स इलेवन पंजाब की टीम के लिए ट्रायल भी दिया, लेकिन वह टीम में जगह नहीं बना सके।