टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेट और प्रसिद्ध कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'इम्परफैक्ट' में सचिन के साथ उनके रिश्ते का जिक्र किया है। मांजरेकर ने कहा, 'सचिन और मैं ग्राउंड पर बेशक एक-दूसरे से टकराते रहे हों, लेकिन ऑफ द फील्ड वह एक बेहतर इंसान हैं और हम दोनों हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं। हालांकि, इससे पहले कई बार मांजरेकर अपने टीम के साथी सचिन तेंदुलकर की आलोचना कर चुके हैं।
दो दशक तक क्रिकेट फैंस के दिलों पर राज करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में बहुत कम बार आलोचनाओं का सामना किया है। हर कोई उन्हें एक शानदार खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छा इंसान भी मानता है। लेकिन टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर
संजय मांजरेकर उन चुनिंदा लोगों की फहरिस्त में शुमार हैं, जो 'बैटिंग लीजेंड' पर ताना कसने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं।
एक समय ऐसा भी था जब संजय मांजरेकर ने सचिन के बारे में अपने आलोचनात्मक विचार रखे थे। उन्होंने सचिन से जुड़े दो ऐसे खुलासे किए थे, जिन्हें सुनकर सचिन के फैंस आज तक हैरान हैं। दरअसल मांजरेकर ने सचिन के राज्यसभा मेंबर बनने और करियर के आखिरी दौर में उनके रवैये को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।
संजय मांजरेकर ने कहा था, 'जब कभी मेरे जहन में सचिन की रिटायरमेंट को लेकर खयाल आता था, तो मैं हमेशा सोचता था कि सचिन आगे चलकर कोचिंग, बिजनेस या सोशल एक्टिविटी के जरिए किसी न किसी तरह से क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। मगर विश्वकप विजेता खिलाड़ी ने क्रिकेट से जुड़ने की बजाये राज्यसभा का सदस्या बनना ज्यादा बेहतर विकल्प समझा।'
इसके अलावा, मीठे शब्दों में सचिन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा था कि सचिन जब अपने करियर के अंतिम पड़ाव से गुजर रहे थे, तब कई बार उनकी वजह से टीम में गलत चीजें घट रही थीं। यह ऐसा समय था जब सचिन बेहद खराब फॉर्म से गुजर रहे थे, लेकिन महज एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी होने की वजह से कोई भी उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर बिठाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। खराब फॉर्म में रहते हुए लगातार टीम में बने रहना दूसरे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ मजाक है।