टीम इंडिया की बढ़ी मुसीबत, वर्ल्ड कप में खेल सकेंगे अजमल
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वर्ल्ड कप का महामुकाबला शुरू होने में अब महज 8 दिन शेष रह गए हैं और क्रिकेट के मैदान पर सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतर कर अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेंगे।
दोनों ही टीमों को वर्ल्ड कप से पहले हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही दोनों टीमें अपने बड़े खिलाड़ियों के चोटिल होने से खासी परेशान हैं। पाकिस्तान का टेंशन कुछ ज्यादा ही था क्योंकि उसके पास वर्ल्ड नंबर वन गेंदबाज सईद अजमल था लेकिन उनको पिछले संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण अंतरराष्ट्रीय मैचों में गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। अजमल और पाक टीम दोनों ही चाहते थे कि इस चतुर गेंदबाज की टीम वापसी हो जाए।
हालांकि अब आईसीसी ने अजमल की सुधरी हुई गेंदबाजी एक्शन का फिर से टेस्ट लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने की अनुमति दे दी है। आईसीसी ने न सिर्फ अजमल को बल्कि बांग्लादेश के प्रतिबंधित गेंदबाज सोहाग गाजी की नई गेंदबाजी एक्शन को सही मान लिया है और इसके साथ ही इस गेंदबाज के भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने का रास्ता साफ हो गया है।
वर्ल्ड कप से ऐन पहले अजमल की वापसी से टीम इंडिया दबाव में आ सकती है। दूसरी ओर पाक के लिए यह बड़ी खबर है क्योंकि अजमल न सिर्फ पाक के बल्कि दुनिया के शीर्ष गेंदबाज हैं। उनकी वापसी से टीम का मनोबल जरूर बढ़ेगा।
अजमल का वर्ल्ड कप में खेलने का सपना हुआ पूरा
पाकिस्तान क्रिकेट टीम अपने खास गेंदबाज सईद अजमल की वापसी के लिए बेहद चिंतित था। पाक के इस ऑफ स्पिनर ने शुक्रवार को चेन्नई में आईसीसी की ओर से संचालित एक लैबोट्ररी में अपनी नई गेंदबाजी एक्शन का टेस्ट भी दिया। सेंटर के कोचों ने खुलासा किया था कि परीक्षण के दौरान इस पाक गेंदबाज की गेंदबाजी एक्शन में बदलाव दिखाई दिए और उनका बायां पैर मैदान पर सही तरीके से पड़ रहा है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि आईसीसी के विशेषज्ञ इस क्रिकेटर को गेंदबाजी करने की अनुमति दे सकते हैं।
अजमल और सोहाग गाजी की गेंदबाजी परीक्षण के दौरान दोनों ऑफ स्पिनर्स की कुहनी आईसीसी नियमों के अनुसार 15 डिग्री तक ही मुड़ रही है, जिसके बाद उन पर से प्रतिबंध हटा दिया गया। हालांकि अंपायरों के पास यह अधिकार बना हुआ है कि वे भविष्य में इन दोनों गेंदबाजों की गेंदबाजी एक्शन पर नजर बनाए रख सकते हैं और संदेह की सूरत में फिर से रिपोर्ट कर सकते हैं। इससे पहले अंपायरों को गेंदबाजों की टेस्ट वाली फोटो और वीडियो फुटेज दिखाया गया।
इससे पहले चेन्नई के श्रीरामचंद्र युनिवर्सिटी में 24 जनवरी को गेंदबाजों का टेस्ट लिया गया। अजमल की नई गेंदबाजी एक्शन पर बीसीसीआई की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के कोचों ने नजर बनाए रखी। अजमल ने 36 गेंदें अलग-अलग तरह से डालने को कहा गया था। पाक के इस ऑफ स्पिनर ने अब तक खेले 35 टेस्ट मैचों में 178 विकेट और 111 वनडे मैचों में 185 विकेट झटके हैं।
गेंदबाजी टेस्ट की रिपोर्ट आईसीसी के मुख्यालय दुबई में भेजी गई थी। टेस्ट लेने वालों कोचों का कहना था कि अजमल का टेस्ट न सिर्फ ऑफ स्पिनर्स के रूप में गेंदबाजी कराकर लिया गया बल्कि कुछ स्पेशल गेंदें जैसे दूसरा, कैरम बॉल और तेजी से गेंदबाजी कराकर भी परीक्षण किया गया। कोच ने कहा, "उनकी फेंकी गई सभी गेंदों की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उनका एक्शन नियमों के अनुसार था।"
नई गेंदबाजी एक्शन के लिए डाली 12 हजार से ज्यादा गेंदें
पाकिस्तान के फिरकी गेंदबाज सईद अजमल का टेस्ट 24 जनवरी को चेन्नई स्थित सेंटर पर लिया गया था और इसके बाद उन्हें आईसीसी की ओर से आयोजित एक पूर्ण टेस्ट में भाग लेने को कहा गया। टेस्ट देने के बाद अजमल ने कहा, "पहले मैं अपने शरीर के पीछे से गेंदबाजी करता था लेकिन अब इसमें काफी बदलाव किया है।"
अजमल की गेंदबाजी एक्शन में सुधार के लिए पाक के पूर्व टेस्ट गेंदबाज सकलैन मुश्ताक ने काफी काम किया था। अजमल ने मुश्ताक के सहयोग पर कहा, "सकलैन ने मुझे काफी प्रोत्साहित किया और अपने गेंदबाजी एक्शन में बदलाव लाने के लिए काफी उत्साह बढ़ाया। मैं रोजाना 3 घंटे नेट पर एक्शन में सुधार के लिए गेंदबाजी करता था। मैंने नई गेंदबाजी एक्शन हासिल करने के लिए नेट पर करीब 12 हजार गेंदें डाली। साथ ही कुछ घरेलू मैच भी खेला।"
38 साल के अजमल पर पिछले साल सितंबर पर उनकी संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने से प्रतिबंध लगा दिया था, हालांकि आईसीसी ने उन्हें नई गेंदबाजी एक्शन के साथ क्रिकेट में वापसी का मौका जरूर दिया था।
बांग्लादेश के सोहाग गाजी पर पिछले साल अगस्त में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के दौरान उनकी गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध पाए जाने के बाद बैन लगा दिया गया था। बाद में उन्होंने कार्डिफ में अपना टेस्ट दिया।