फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Rohit Sharma was desperate to win world cup 2019, Jadeja does not have to prove himself in odi

रोहित को अब भी विश्व कप 2019 न जीत पाने का मलाल, तो इस बात से बेहद खुश हैं जडेजा

Mon, 23 Dec 2019 03:20 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Mon, 23 Dec 2019 03:20 PM IST
विज्ञापन
Rohit Sharma was desperate to win world cup 2019, Jadeja does not have to prove himself in odi
रवींद्र जडेजा और रोहित शर्मा - फोटो : ट्विटर

साल 2019 खत्म होने में बस कुछ ही दिन शेष है और इस साल का अंत टीम इंडिया ने बेहद शानदार अंदाज में किया। इस दशक की आखिरी सीरीज में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 2-1 से मात दी। अब टीम मैनेजमेंट नंबर चार की गुत्थी भी सुलझाते नजर आ रहा है, लेकिन शानदार फार्म में चल रहे रोहित शर्मा को साल 2019 में वन-डे विश्व कप न जीत पाने का मलाल है। दूसरी ओर रवींद्र जडेजा हैं, जिनका मानना है कि उन्हें दुनिया को नहीं बल्कि खुद को साबित करना है कि वह वन-डे क्रिकेट खेल सकते हैं।

विज्ञापन

भारतीय उपकप्तान ने इस साल विभिन्न प्रारूपों को मिलाकर दस शतक समेत 2442 रन बनाकर श्रीलंका के सनत जयसूर्या का रिकार्ड तोड़ा। रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में पारी की शुरुआत की। उन्होने वेस्टइंडीज के खिलाफ वन-डे श्रृंखला में ‘मैन ऑफ द सीरिज’ का पुरस्कार जीतने के बाद कहा, ‘यह साल बहुत अच्छा रहा। विश्व कप जीतते तो और बेहतर होता, लेकिन पूरे साल टीम के रूप में हर प्रारूप में हम अच्छा खेले।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रोहित ने कहा, ‘मैं अपनी बल्लेबाजी का पूरा मजा ले रहा हूं और यह सिलसिला यहीं नहीं रूकेगा। अभी आने वाला साल काफी रोमांचक है।’ विश्व कप में पांच शतक और एक दोहरा शतक जमा चुके रोहित ने कहा, ‘अब मैं अपनी बल्लेबाजी को बखूबी समझ रहा हूं। मैं अपनी सीमाओं को ध्यान में रखकर खेलना चाहता हूं।’

विज्ञापन

दूसरी ओर वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला के आखिरी मैच में नाबाद 39 रन बनाने वाले भारतीय हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने कहा कि उन्हें दुनिया को नहीं बल्कि खुद को साबित करना है कि वह वनडे क्रिकेट खेल सकते हैं। जडेजा सीमित ओवरों की टीम का नियमित हिस्सा नहीं थे, लेकिन इंग्लैंड में वनडे विश्व कप से पहले योजना का हिस्सा बने।

भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने उन्हें ‘टुकड़ों टुकड़ों में खेलने वाला खिलाड़ी’ कहा था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में उन्होंने 59 गेंदों में 77 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया था।  जडेजा ने कहा कि उन्हें खुद को साबित करना था कि वह अभी भी सीमित ओवरों का क्रिकेट खेल सकते हैं।

कटक में खेले गए आखिरी वन-डे की अपनी पारी के बारे में जडेजा ने कहा कि, 'यह काफी अहम पारी थी क्योंकि यह निर्णायक मैच था । विकेट बल्लेबाजी के लिये उम्दा था। हमें बस गेंद को भांपकर खेलना था।’ उन्होंने कहा, ‘मैने इस साल ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन जब भी मौका मिला गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।’

छह गेंद में नाबाद 17 रन बनाने वाले शार्दुल ठाकुर के बारे में उन्होंने कहा, ‘आखिरी गेंद तक खेलना अहम था। हमें पता था कि हम ही जीतेंगे।’ जडेजा ने स्वीकार किया कि टीम को फील्डिंग पर मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘पूरी श्रृंखला में कई कैच छूटे। हमारी फील्डिंग के स्तर को देखते हुए ऐसा नहीं होना चाहिए था। दूधिया रोशनी में ओस के कारण ऐसा हो जाता है।’

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed