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Ravi Shastri: शास्त्री ने कहा- मुझे जिस तरीके से हटाया गया उससे दुख हुआ, किसी एक इंसान का नाम नहीं ले सकता
Fri, 10 Dec 2021 03:53 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 10 Dec 2021 03:53 PM IST
सार
रवि शास्त्री ने कहा है कि 2014 में उनके टीम के डायरेक्टर बनने के बाद भरपूर कोशिश की गई थी कि वो कोच न बनें। हालांकि उन्होंने किसी एक इंसान का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उन्हें हटाया गया था, उससे उन्हें दुख हुआ था।
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रवि शास्त्री
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि 2014 में उनके टीम के डायरेक्टर बनने के बाद जानबूझकर उन्हें टीम से दूर किया गया था। उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी कोशिश की गई थी कि वो टीम के कोच न बन पाएं। जिस तरीके से उन्हें उस समय डायरेक्टर के पद से हटाया गया था, उससे उन्हें काफी दुख हुआ था। हालांकि 2017 में शास्त्री भारतीय टीम के कोच बने थे और 2021 तक उन्होंने इस पद पर काम किया।
डंकन फ्लेचर के हटने के बाद रवि शास्त्री को साल 2014 और 2015 के वनडे वर्ल्डकप में भारतीय टीम का डायरोक्टर बनाया गया था। इस दौरान टीम का प्रदर्शन ठीक ठाक था। वर्ल्डकप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार कर बाहर हुई थी। इसके बाद शास्त्री को उनके पद से हटा दिया गया और अनिल कुंबले भारत के नए कोच बने। हालांकि विराट से अनबन के बाद कुंबले ने 2017 में यह पद छोड़ दिया और फिर से शास्त्री को भारत का हेड कोच बनाया गया।
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डंकन फ्लेचर के हटने के बाद रवि शास्त्री को साल 2014 और 2015 के वनडे वर्ल्डकप में भारतीय टीम का डायरोक्टर बनाया गया था। इस दौरान टीम का प्रदर्शन ठीक ठाक था। वर्ल्डकप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार कर बाहर हुई थी। इसके बाद शास्त्री को उनके पद से हटा दिया गया और अनिल कुंबले भारत के नए कोच बने। हालांकि विराट से अनबन के बाद कुंबले ने 2017 में यह पद छोड़ दिया और फिर से शास्त्री को भारत का हेड कोच बनाया गया।
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मुझे हटाने के बेहतर तरीके हो सकते थे
शास्त्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें जिस तरीके से हटाया गया था, उससे उन्हें दुख हुआ था। उनके अनुसार उन्हें टीम से बाहर करने के बेहतर तरीके हो सकते थे। काफी विवादों के बाद 2017 में शास्त्री फिर से भारत के कोच बने। उन्होंने इस पर कहा "जो लोग मुझे बाहर रखना चाहते थे, उनके मुह पर ये करारा तमाचा था।" 2017 में दूसरी बार भारत के कोच बनने के बाद शास्त्री के कार्यकाल में भारतीय टीम ने टेस्ट और वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इस दौरान टीम इंडिया कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई।
शास्त्री के अनुसार इस बात की पूरी कोशिश की गई थी कि वो भारतीय टीम के हेड कोच न बनें। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन लोगों ने उनके खिलाफ साजिश की थी। उन्होंने कहा "मैं किसी एक इंसान का नाम नहीं ले सकता।" भरत अरुण को लेकर भी पूर्व भारतीय कोच ने बताया कि लोग उन्हें भी गेंदबाजी कोच नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन वो सबसे बेहतरीन गेंदबाजी कोच साबित हुए।
2019 वर्ल्डकप में नहीं मिली सही टीम
रवि शास्त्री ने यह भी बताया कि 2019 वर्ल्डकप में वो टीम में तीन विकेटकीपर चुनने के पक्ष में नहीं थे। वो चाहते थे कि अंबाती रायडू या श्रेयस अय्यर को मौका दिया जाए। हालांकि चयनकर्ताओं ने इन दोनों खिलाड़ियों को दरकिनार कर दिनेश कार्तिक को टीम में शामिल किया। इस वजह से भारतीय टीम में धोनी, पंत और कार्तिक को रूप में तीन विकेटकीपर शामिल थे। शास्त्री ने आगे बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी राय नहीं दी थी, क्योंकि उनसे कुछ पूछा नहीं गया था।
शास्त्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें जिस तरीके से हटाया गया था, उससे उन्हें दुख हुआ था। उनके अनुसार उन्हें टीम से बाहर करने के बेहतर तरीके हो सकते थे। काफी विवादों के बाद 2017 में शास्त्री फिर से भारत के कोच बने। उन्होंने इस पर कहा "जो लोग मुझे बाहर रखना चाहते थे, उनके मुह पर ये करारा तमाचा था।" 2017 में दूसरी बार भारत के कोच बनने के बाद शास्त्री के कार्यकाल में भारतीय टीम ने टेस्ट और वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इस दौरान टीम इंडिया कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई।
शास्त्री के अनुसार इस बात की पूरी कोशिश की गई थी कि वो भारतीय टीम के हेड कोच न बनें। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन लोगों ने उनके खिलाफ साजिश की थी। उन्होंने कहा "मैं किसी एक इंसान का नाम नहीं ले सकता।" भरत अरुण को लेकर भी पूर्व भारतीय कोच ने बताया कि लोग उन्हें भी गेंदबाजी कोच नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन वो सबसे बेहतरीन गेंदबाजी कोच साबित हुए।
2019 वर्ल्डकप में नहीं मिली सही टीम
रवि शास्त्री ने यह भी बताया कि 2019 वर्ल्डकप में वो टीम में तीन विकेटकीपर चुनने के पक्ष में नहीं थे। वो चाहते थे कि अंबाती रायडू या श्रेयस अय्यर को मौका दिया जाए। हालांकि चयनकर्ताओं ने इन दोनों खिलाड़ियों को दरकिनार कर दिनेश कार्तिक को टीम में शामिल किया। इस वजह से भारतीय टीम में धोनी, पंत और कार्तिक को रूप में तीन विकेटकीपर शामिल थे। शास्त्री ने आगे बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी राय नहीं दी थी, क्योंकि उनसे कुछ पूछा नहीं गया था।