वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला: जो जीता वही बनेगा चैंपियन
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आखिरकार काफी उतार-चढ़ाव के बीच अब वो समय आ गया है जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को बेस्रबी से इंतजार है। यह इंतजार रविवार को मुंबई में दोपहर डेढ़ बजे खत्म होगा जब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 5 मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा।
फिलहाल यह सीरीज इस समय 2-2 से बराबरी पर चल रही है और जो भी टीम अंतिम मैच में जीत हासिल करेगी वही सीरीज अपने नाम करने में कामयाब रहेगी। सीरीज में भारत 2 बार पिछड़ा और फिर बराबरी करने में सफल रहा। मेहमान अफ्रीकी टीम ने दौरे की शुरुआत में टी-20 सीरीज 2-0 से जीतकर जोरदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद टीम इंडिया ने वनडे सीरीज में कड़ी चुनौती पेश की। अभी सीरीज भले ही बराबरी पर हो लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की समस्या खत्म नहीं हुई है। धोनी की कप्तानी में टीम पर इस सीरीज को जीतने का खासा दबाव है।
बांग्लादेश में वनडे सीरीज में हार के बाद धोनी पर सीरीज जीतने का काफी दबाव है और टीम इंडिया भी जीत के साथ टेस्ट सीरीज में उतरना चाहेगी। इस सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज खेली जानी है। हालांकि टेस्ट टीम की कमान विराट कोहली के पास है जो फिलहाल टेस्ट में बेहतर कर रहे हैं।
तो कोहली को फिर से चलना होगा
चेन्नई में हुए सीरीज के चौथे मैच जिसमें दोनों टीमों की ओर से जोरदार पलटवार हुए लेकिन जीत भारत को मिली। इस मैच में विराट कोहली और एबी डीविलियर्स ने शानदार शतक लगाए। दोनों टीमें चाहेंगी कि उनके ये शतकवीर बल्लेबाज निर्णायक मैच में भी चले और टीम की जीत से सूत्रधार बने।
जहां तक भारतीय बल्लेबाजी का सवाल है तो विराट कोहली लगातार 2 पारियों में 70 से ज्यादा का स्कोर कर फॉर्म में लौट चुके हैं तो सुरेश रैना ने भी फिफ्टी ठोंककर 0 पर आउट होने के सफर को खत्म कर दिया है। इनके अलावा अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और कप्तान धोनी के बल्ले से रन निकल रहे हैं। भारत की समस्या ओपनर शिखर धवन की नाकामी है जो शुरुआत तो ठीक से कर पा रहे हैं लेकिन उसे आगे बढ़ा नहीं पा रहे।
धवन की नाकामी के अलावा भारत की सिरदर्दी मध्य क्रम का लगातार नाकाम होना रहा है। बल्लेबाज एक साथ शानदार प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इस क्रम ने पूरी सीरीज में भारत को परेशान किया है। बल्लेबाज टुकड़ों में प्रदर्शन कर रहे हैं उनके पास इस मैच से अपनी नाकामी को धोने का मौका है।
जब मध्य क्रम ही नहीं चल रहा तो पुछल्ले बल्लेबाजों की बात करना ही बेमानी है। हालांकि अनुभवी हरभजन सिंह ने कुछ मौकों पर छोटी सी पर उपयोगी पारी खेली है।
डीविलियर्स को रोकने में बहाना होगा गेंदबाजों को पसीना
गेंदबाजी विभाग में भारत के तेज गेंदबाजों ने निराश किया है लेकिन टुकड़ों में प्रदर्शन भी किया है। भारत ने जो 2 मैच जीते हैं वह गेंदबाजों की बदौलत ही जीते हैं। आर अश्विन की गैर-मौजूदगी में हरभजन सिंह, अमित मिश्रा और अक्षर पटेल ने लाजवाब खेल दिखाया है। तीनों ने मिलकर अफ्रीकी बल्लेबाजों पर काफी अंकुश लगाया है। हालांकि पिछले मैच में शतक लगाने वाले कप्तान एबी डीविलियर्स ने शानदार शतक लगाया था, कोशिश करनी होगी कि इस बार वह कामयाब न होने पाएं।
अफ्रीकी ओपनर हाशिम अमला (सीरीज में कुल 66 रन बनाए) जो इस दौरे में अब तक नाकाम रहे हैं ने इस मैच से फॉर्म में लौटने की बात कही है। लेकिन उनके फॉर्म को देखते हुए नहीं लगता कि भारतीय गेंदबाज इस बार भी सस्ते में आउट करने में सफल हो जाएंगे। लेकिन उन्हें दूसरे छोर पर क्विटन डी कॉक, फैफ डु प्लेसिस, डेविड मिलर और फरहान बेहरदीन जैसे बल्लेबाजों को सस्ते में वापस भेजने की जुगत बनानी होगी।
साथ ही भारतीय बल्लेबाजों के सामने डेल स्टेन के अलावा कैगिसो रबादा जैसे तेज गेंदबाज और स्पिन गेंदबाज इमरान ताहिर से निपटने की कोशिश करनी होगी। रबादा भारत के लिए कई बार चुनौती दो चुके हैं।
फिलहाल अब तक जिस तरह से सीरीज में मुकाबले खेले गए हैं उससे यही लगता है कि यह मैच भी जोरदार होगा और जो भी अच्छा खेल दिखाएगा सीरीज उन्हीं के नाम होगी।