IPL स्पॉट फिक्सिंग के दोषी अंकित को MCA ने दिए 32 लाख
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2013 में आईपीएल के बाद स्पॉट फिक्सिंग का प्रकरण सामने आया और पूरे विवाद में राजस्थान रॉयल्स के 3 बड़े क्रिकेटर तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चोहान का नाम सामने आया था। पूरे फिक्सिंग प्रकरण में पूर्व टेस्ट क्रिकेटर श्रीसंत और चंदीला और चोहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर उससे सघन पूछताछ की थी।
बाद में भारतीय टीम के लिए खेल चुके श्रीसंत और चोहान पर तो बीसीसीआई ने किसी भी स्तर पर क्रिकेट खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया लेकिन चंदीला पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।
स्पॉट फिक्सिंग मामला सामने आने पर आईपीएल के भविष्य पर ही सवाल उठने लगे थे, मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। देश की शीर्ष अदालत ने भी आईपीएल को साफ-सुथरा बनाने के लिए कई निर्देश दिए। मामला अभी भी कोर्ट में ही है जहां पर अंतिम फैसला आना बाकी है। लेकिन इसी फिक्सिंग के दोषी अंकित चोहान को मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने 32 लाख रुपए दिए हैं।
बीसीसीआई का जवाब नहीं आने पर कर दिया भुगतान
मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) का कहना है कि उसने अपने खिलाड़ी अंकित चोहान को रणजी क्रिकेट में खेलने में एवज में उसका भुगतान किया है। एमसीए ने अंकित को रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए 32 लाख रुपए दिए। एमसीए के उपाध्यक्ष रवि सावंत ने बताया कि संघ ने नवंबर, 2014 में बीसीसीआई को बकाया का भुगतान के बारे में पत्र लिखा था लेकिन बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं आने पर भुगतान कर दिया गया।
इस भुगतान में रणजी क्रिकेट में खेलने की फीस के साथ-साथ 2012-13 में रणजी ट्रॉफी की खिताबी जीत में टीम के सदस्यों को मिलने वाला बोनस भी शामिल है।
सावंत ने कहा, "हमने उनके माता-पिता (अंकित चोहान) की ओर से आए पत्र के बाद बीसीसीआई को शेष भुगतान करने के बारे में सलाह मांगी, लेकिन मार्च तक जवाब (बीसीसीआई) की ओर से कोई जवाब नहीं आया और फिर हमने उसका भुगतान कर दिया।"
इस बीच एमसीए ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) को बीसीसीआई की ओर से मान्यता प्राप्त किसी भी मैदान में टूर्नामेंट कराने, मैच खेलने पर रोक लगा दिया है, साथ ही उसे बीसीसीआई की ओर से अंपायर भी नहीं मिलेंगे। सीसीआई के खिलाफ यह फैसला चेन्नई में पिछले महीने बीसीसीआई की सलाना आम बैठक में पश्चिम क्षेत्र की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए टीसी मैथ्यूज का नाम आगे लाने पर किया गया है, हालांकि वह दक्षिण क्षेत्र से आते हैं। इसके अलावा सीसीआई ने पिछले सत्र और इस बार भी आईपीएल के मैच कराने के लिए एमसीए की अनुमति नहीं ली थी।