पूर्व तेज गेंदबाज मनोज प्रभाकर ने महिला टीम के राष्ट्रीय कोच के लिए आवेदन किया है और अगर उनके आवेदन का चयन होता है तो भारतीय टीम के उनके पूर्व सहयोगी कपिल देव की अध्यक्षता वाला पैनल उनका साक्षात्कार कर सकता है।
टीम में एक साथ खेलने से लेकर 2000 में उठे मैच फिक्सिंग विवाद तक कपिल देव और मनोज प्रभाकर की कड़वाहट किसी से छिपी नहीं है। बीसीसीआई ने महिला टीम के कोच के लिए विज्ञापन दिया था जिसके लिए प्रभाकर के अलावा दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स ने भी आवेदन किया है।
क्रिकेट पर प्रभाकर के ज्ञान पर किसी को कोई संदेह नहीं है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि कोच चयन समिति साक्षात्कार के लिए उनका चयन करती है या नहीं। चयन समिति पैनल के अध्यक्ष पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव है जबकि अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी इसके अन्य सदस्य है।
प्रभाकर को जब बताया गया कि चयन समिति पैनल के अध्यक्ष कपिल देव हो सकते है तो उन्होंने बेरूखी से इसका जवाब दिया, ‘आपने मुझसे पूछा कि मैंने आवेदन किया है या नहीं? मैंने कहा कि हां, किया है। मैंने आवेदन क्यों किया? क्योंकि मुझे लगता है क्रिकेट के अपने ज्ञान से मैं योगदान दे सकता हूं।’
उन्होंने कहा, ‘महिला क्रिकेट में काफी प्रतिभा है और मुझे लगता है कि मिताली राज, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसी खिलाड़ियों को मदद करने का मेरे पास अनुभव है।’ प्रभाकर से यह भी पूछा गया कि क्या 2000 की विवाद के बाद वह कभी कपिल से मिले है। उन्होंने कहा, ‘इस मसले से इसका कोई सरोकार नहीं है।’