टीम इंडिया ने ड्रॉ कराया मेलबर्न टेस्ट, पर सीरीज गंवाई
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टीम इंडिया कड़े संघर्षों के बाद मेलबर्न टेस्ट को बचाने में कामयाब तो हो गई लेकिन उसे चार मैचों की टेस्ट सीरीज से हाथ धोना पड़ गया। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती दोनों टेस्ट जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर फिर से कब्जा जमा लिया।
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जीत के लिए मिले 384 रनों के लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया पांचवें दिन 6 विकेट पर 174 रन ही बना सकी। भारत की ओर से विराट कोहली ने दूसरी पारी में भी सर्वाधिक 54 रनों की पारी खेली। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (24) और आर अश्विन (8) ने सातवें विकेट के लिए संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए अंतिम 11 ओवर बिना किसी नुकसान के निकाल कर मैच को ड्रॉ करा दिया।
मैन ऑफ द मैच तेज गेंदबाज रेयान हैरिस को चुना गया, जिन्होंने मैच में आलराउंड प्रदर्शन किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 9 विकेट पर 318 रन बनाकर घोषित कर दी थी। उसकी ओर से दूसरी पारी शॉन मार्श (99) ने सर्वाधिक रन बनाए। हालांकि वह एक रन से श्ातक लगाने से चूक गए। भारत की ओर से 4 गेंदबाजों ने 2-2 विकेट लिए।
कोहली के सीधे थ्रो ने एक रन से शतक से रोका
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 261 रन से आगे खेलना शुरू किया। उस समय क्रीज पर शॉन मार्श और रेयान हैरिस क्रीज पर थे, दोनों ने पारी को जैसे ही आगे बढ़ाया था कि बारिश शुरू हो गई और खेल कुछ देर के लिए रोक देना पड़ा। खेल शुरू होने पर कंगारू टीम ने अभी 17 रन ही जोड़े थे कि बारिश फिर से शुरू हो गई और खेल कुछ देर और बाधित हो गया।
पहले सत्र में दो बार बारिश से खेल रुकने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीन सौ रनों के आंकड़े को पार किया। इसके बाद मोहम्मद शमी ने भारत को दिन की पहली और पारी की आठवीं सफलता दिलाते हुए रेयान हैरिस को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराया। हैरिस 21 रन बनाकर आउट हुए।
हैरिस की जगह लेने क्रीज पर नाथन ल्योन आए और उन्होंने मार्श के साथ पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि तुंरत मार्श को एक जीवनदान अश्विन से मिल गया। इसके बाद उन्होंने तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए। अश्विन के ओवर में जीवनदान पाने के बाद एक छक्का और एक चौका जड़ दिया और इस ओवर के खत्म होने तक वह 98 रन पर पहुंच गए।
अपने शतक से जब वह महज एक रन दूर थे कि हल्के हाथों से खेलकर रन चुराने की कोशिश की लेकिन कोहली के सीधे थ्रो ने उन्हें 99 पर रन आउट कर दिया। महज एक रन से शतक से चूकने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी एक ओवर के बाद घोषित कर दी। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 9 विकेट पर 318 रन बनाए।
महज 19 रन पर भारत ने खो दिए थे 3 विकेट
मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने मेलबर्न टेस्ट मैच में जीतने और सीरीज में वापसी के लिए 384 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा। भारतीय पारी की शुरुआत मुरली विजय और शिखर धवन की जोड़ी ने किया। लेकिन भारत को दूसरे ओवर की दूसरी ही गेंद पर बड़ा झटका तब लगा जब धवन रेयान हैरिस की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। वह खाता भी नहीं खोल सके थे।
भारत अभी शुरुआती झटके से उबरा भी नहीं था कि उसे एक और झटका अगले ही ओवर में लग गया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे लोकेश राहुल को इस बार तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, लेकिन 5 गेंद पर एक रन बनाने के बाद वह मिचेल जॉनसन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। महज 5 रन के स्कोर पर 7 गेंदों के अंदर 2 विकेट गंवा देने से भारत पर मैच में हार का संकट मंडराने लगा।
इसके बाद मुरली विजय और उपकप्तान विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए कुछ देर तक क्रीज पर टिके रहे लेकिन यह जोड़ी भी ज्यादा देर तक नहीं टिकी रह सकी। टीम के खाते में अभी 19 रन ही जुड़े थे कि मुरली तेज गेंदबाज जोश हैजलवुड की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। मुरली ने 11 रन बनाए।
जल्दी-जल्दी लगे 3 झटकों के बाद भारत को मैच बचाने के लिए एक टिकाऊ साझेदारी की जरूरत थी, जिसे पिछली पारी के शतकवीर कोहली और अजिंक्य रहाणे ने चौथे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर देने की कोशिश की। इस बीच रहाणे ने दूसरी पारी में 22वां रन बनाने के साथ ही अपने टेस्ट करियर में एक हजार रन पूरे कर लिए।
कोहली ने सीरीज में एक और अर्धशतकीय पारी खेली। टी-ब्रेक तक दोनों बल्लेबाज नाबाद रहे और 85 रनों की साझेदारी कर चुके थे।
टी-ब्रेक के बाद फिर लड़खड़ाई भारतीय पारी
टी-ब्रेक तक विराट कोहली (54) और अजिंक्य रहाणे (48) ने चौथे विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी कर ली थी और ऐसा लग रहा था कि दोनों बल्लेबाज वापस लौटने पर एक बार फिर शतक ठोक देंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
वापस लौटने पर पहली ही गेंद पर रेयान हैरिस ने कोहली को स्क्वायर लेग की दिशा में कैच आउट करा दिया। हल्की सी उछाल लेती गेंद को कोहली नीचे गिराने के बजाए खेल बैठे और जिसे जोए बर्न्स ने आसानी से लपक लिया। कोहली 54 रन पर कैच आउट हो गए। इसके बाद रहाणे का साथ देने चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर आए और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए बेहद संयम के साथ खेलते हुए 37 रनों की साझेदारी कर डाली।
तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन की एक इनस्विंग होती गेंद को पुजारा भांप नहीं सके और अपना स्टंप गंवा बैठे। पुजारा 70 गेंदों पर 21 रन बनाकर आउट हुए। टीम अपने स्कोर में अभी एक रन ही जोड़ सकी थी कि रहाणे भी जोश हैजलवुड की गेंद पर कैच आउट हो गए। वह 2 रन से अपने अर्धशतक से दूर रह गए। रहाणे जब आउट हुए तो उस समय टीम का स्कोर 6 विकेट पर 142 रन था।
चायकाल के बाद जल्दी-जल्दी 3 विकेट खो देने से भारत पर हार का संकट मंडराने लगा। कप्तान धोनी (नाबाद 24) और आर अश्विन (नाबाद 8) ने मैच को ड्रॉ कराने के लिए क्रीज पर लगातार संघर्ष किया और टीम को हार के मुंह से बाहर निकाल ऑस्ट्रेलिया में लगातार 6 टेस्ट मैचों में हार के सिलसिले को खत्म कर दिया।