टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली आज दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाजों में से एक हैं। 1 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट श्रंखला में उनका लक्ष्य न सिर्फ टीम को जीत दिलाना होगा बल्कि 2014 में किए अपने प्रदर्शन को भी सुधारना होगा।
सावधान इंग्लैंड! टीम इंडिया के ये 5 जांबाज, बुलंद हौसले से रचेंगे टेस्ट सीरीज में नया इतिहास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विराट कोहली
टी-20 सीरीज में टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में जीत दिलाने वाले कोहली वन-डे की बाधा पार नहीं कर पाए थे, ऐसे में वह खुद बेहतर प्रदर्शन कर पूरी टीम को प्रेरणा देने का काम कर सकते हैं। इस दौरान विराट एक बड़े कीर्तिमान को अपने नाम करना चाहेंगे।
कोहली टेस्ट क्रिकेट में 66 मैचों की 112 पारियों में 53.40 की औसत से 5554 रन बना चुके हैं। अगर वह 5 मैच की सीरीज में 446 रन बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाले 10वें भारतीय बन जाएंगे।
अजिंक्य रहाणे
इस सीरीज में रहाणे अगर 107 रन बना लेते हैं तो वह टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन बनाने वाले 22वें भारतीय बन जाएंगे।
चेतेश्वर पुजारा
राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी माने जाने वाले टीम इंडिया के मध्यक्रम बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा से टीम को बड़ी उम्मीदें हैं। टेस्ट सीरीज के लिए खुद को काउंटी क्रिकेट खेलकर तैयार करने वाले पुजारा भी इस सीरीज में 5000 रन पूरे कर सकते हैं।
पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 58 मैचों की 97 पारियों में 50.34 की औसत से 4531 रन बनाए और उनका उच्चतम स्कोर 206 रन रहा है। इस सीरीज में पुजारा अगर 469 रन बना लेते हैं तो वह टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन बनाने वाले 12वें भारतीय बन जाएंगे।
मुरली विजय
तमिलनाडु से आने वाले टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज हैं। उनपर न सिर्फ टीम को बेहतर शुरुआत देने का दबाव होगा बल्कि 4000 रन का आंकड़ा छूने का सुनहरा अवसर भी होगा।
विजय ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 57 मैचों की 97 पारियों में 40.70 की औसत से 3907 रन बनाए है। 5 मैच की 10 पारियों में अगर वह 93 रन बना लेते हैं तो वह टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन बनाने वाले 16वें भारतीय बन जाएंगे।