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Team India: विदेश में एक ही तरीके से हार रहा है भारत, अफ्रीका से इंग्लैंड तक विपक्षी बदले पर नतीजे समान
Wed, 06 Jul 2022 02:35 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 06 Jul 2022 02:35 PM IST
सार
भारतीय टीम इस साल विदेश में कुल तीन टेस्ट मैच खेली है और हर बार एक ही तरीके से उसे हार का सामना करना पड़ा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में भारत को हार मिली है।
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राहुल द्रविड़ इस साल विदेश में सभी टेस्ट हारे हैं
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एजबेस्टन टेस्ट में भारत की हार के बाद कोच राहुल द्रविड़ से लेकर टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि भारतीय टीम इस मैच में पूरी तरह से पस्त थी और पूरी टीम में बदलाव की जरूरत है, लेकिन इस बार भी भारत के हारने का तरीका वही था, जो पिछले दो टेस्ट में था। इस साल विदेश में टीम इंडिया के आंकड़े देखकर लगता है कि भारत सात के फेर में फंस चुका है और इससे बाहर निकलने के लिए टीम इंडिया को कुछ अलग करना होगा।
इस साल भारत विदेश में कुल तीन टेस्ट मैच खेला और सभी में उसे सात विकेट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। वनडे और टी20 को भी मिला लें तो टीम इंडिया ने विदेश में इस साल कुल आठ मैच खेले हैं और पांच मैच में हार-जीत का अंतर सात विकेट रहा है, जबकि दो मैचों में यह अंतर चार रन रहा है। एक मैच भारत 31 रन के अंतर से हारा है।
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इस साल भारत विदेश में कुल तीन टेस्ट मैच खेला और सभी में उसे सात विकेट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। वनडे और टी20 को भी मिला लें तो टीम इंडिया ने विदेश में इस साल कुल आठ मैच खेले हैं और पांच मैच में हार-जीत का अंतर सात विकेट रहा है, जबकि दो मैचों में यह अंतर चार रन रहा है। एक मैच भारत 31 रन के अंतर से हारा है।
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पहले अफ्रीका ने सात विकेट से हराया
कीगन पीटरसन और डुसेन
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2022 में भारत का पहला मैच तीन जनवरी को शुरू हुआ था। पहली पारी में भारत ने सिर्फ 202 रन बनाए, लेकिन दक्षिण अफ्रीका को भी 229 के स्कोर पर समेट दिया। पहली पारी में अफ्रीका के पास सिर्फ 27 रन की बढ़त थी। भारतीय टीम मैच में बनी हुई थी। इसके बाद दूसरी पारी में भारत के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए। टीम इंडिया ने कुल 266 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका के सामने 240 रन का लक्ष्य रखा। जोहानिसबर्ग की पिच पर यह लक्ष्य बहुत ज्यादा छोटा नहीं था, लेकिन मैच की चौथी पारी में भारतीय गेंदबाज फ्लॉप साबित हुए। दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट खोकर लक्ष्य का पीछा कर लिया और भारत सात विकेट से मैच हार गया।
अफ्रीका ने दूसरी बार सात विकेट से पीटा
दक्षिण अफ्रीका की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
इस साल विदेश में भारत का दूसरा टेस्ट 11 जनवरी से था। इस मैच में भी भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 223 रन बनाए। गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका को 210 रन पर रोक दिया और भारत के पास 13 रन की बढ़त थी। आधा मैच होने तक भारत दक्षिण अफ्रीका से थोड़ा आगे ही था। एक बार फिर दूसरी पारी में बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना पाए और टीम 198 रन पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका के सामने 212 रन का लक्ष्य था। इस मैच में भी चौथी पारी में भारतीय गेंदबाज बेअसर दिखे और दक्षिण अफ्रीका ने सात विकेट से मैच जीत लिया।
इंग्लैंड ने भी सात विकेट से हराया
जीत के बाद जश्न मनाते जो रूट और जॉनी बेयरस्टो
- फोटो : सोशल मीडिया
विदेशी जमीन पर भारत का तीसरा टेस्ट मैच एक जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ था। पहली पारी में भारत ने 416 रन का बड़ा स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 284 रन पर आउट करके 132 रन की अहम बढ़त ली। इस बार भी दूसरी पारी में भारत कुछ खास नहीं कर सका और टीम 245 रन पर आउट हो गई। इंग्लैंड के सामने 378 रन का लक्ष्य था। इंग्लैंड ने अब तक टेस्ट में कभी इतने बड़े लक्ष्य का पीछा नहीं किया था और भारत के खिलाफ भी कभी इतने बड़े लक्ष्य का पीछा नहीं किया गया था, लेकिन हालातों को देखते हुए यह लक्ष्य उतना भी मुश्किल नहीं था। भारत ने निश्चित रूप से 50-60 रन कम बनाए थे।
हालांकि, गेंदबाजों ने चौथी पारी में जैसा प्रदर्शन किया। उस आधार पर तो 500 रन का लक्ष्य देने पर भी भारत की हार तय थी। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो सत्र रहते ही मैच सात विकेट से जीत लिया। जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने 269 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की शानदार बल्लेबाजी और भारत की खराब गेंदबाजी देखकर ऐसा लगा कि 500 रन का लक्ष्य भी आसानी से बन सकता था।
हालांकि, गेंदबाजों ने चौथी पारी में जैसा प्रदर्शन किया। उस आधार पर तो 500 रन का लक्ष्य देने पर भी भारत की हार तय थी। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो सत्र रहते ही मैच सात विकेट से जीत लिया। जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने 269 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की शानदार बल्लेबाजी और भारत की खराब गेंदबाजी देखकर ऐसा लगा कि 500 रन का लक्ष्य भी आसानी से बन सकता था।
एक ही तरीके से टेस्ट मैच हार रहा भारत
ऋषभ पंत
- फोटो : सोशल मीडिया
इस साल टीम इंडिया विदेश में एक ही तरीके से टेस्ट मैच हार रही है। हर बार मैच की दो पारियों तक टीम इंडिया आगे रहती है या मैच बराबरी पर होता है। इसके बाद पहले बल्लेबाज थोड़ा निराश करते हैं, लेकिन अच्छी गेंदबाजी के दम पर जीत की उम्मीद बनी रहती है और चौथी पारी में सारी उम्मीदें टूट जाती हैं। भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह से बेअसर साबित होती है। कोच द्रविड़ को अगर रवि शास्त्री की तरह विदेश में अच्छा प्रदर्शन करना है तो निश्चित रूप से इस कमजोरी से पार पाना होगा।