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IND vs NZ 1st Test Analysis: अश्विन-जडेजा और अक्षर की तिकड़ी बेमिसाल, जेमीसन-साउदी को नहीं खेल पाए भारतीय बल्लेबाज

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: स्वप्निल शशांक Updated Mon, 29 Nov 2021 09:01 PM IST

सार

इस मैच में नतीजा किसी के पक्ष में भी जा सकता था, लेकिन यहां टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई। अब दोनों के बीच अगला टेस्ट तीन दिसंबर से मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारत बनाम न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट
भारत बनाम न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट की सीरीज का पहला मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। कानपुर में खेले गए इस मुकाबले में पांचों दिन पिच एक समान रही। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों के विकेट चटकाए, वहीं भारतीय स्पिनर्स कीवी बल्लेबाजों पर हावी रहे। कुल मिलाकर यह पिच पांच दिन मैच खेलने के लायक थी।
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हालांकि, इस तरह की पिच मौजूदा समय में मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, क्योंकि हर टीम अपने घरेलू कंडिशन का फायदा उठाने की कोशिश करती है। इस मैच में नतीजा किसी के पक्ष में भी जा सकता था, लेकिन यहां टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई। अब दोनों के बीच अगला टेस्ट तीन दिसंबर से मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेला जाएगा। आइए जानते हैं पहले टेस्ट का एनालिसिस...

1. कैसे ड्रॉ हुआ मैच?

यह मैच के आखिरी ओवर का दृश्य है। भारतीय फील्डर्स ने एजाज को इस प्रकार घेर रखा था।
यह मैच के आखिरी ओवर का दृश्य है। भारतीय फील्डर्स ने एजाज को इस प्रकार घेर रखा था। - फोटो : [email protected]
284 रन के लक्ष्य के जवाब में कीवी टीम पांचवें दिन का खेल समाप्त होने तक 9 विकेट पर 165 रन बना सकी। आखिरी दिन न्यूजीलैंड को जीत के लिए 280 रन चाहिए थे और उसके नौ विकेट बचे थे। रविवार को जब चौथा दिन खत्म हुआ था, तो नाइट वाचमैन सोमरविले और टॉम लाथम क्रीज पर थे। दोनों ने मिलकर 194 गेंदें (लगभग 32 ओवर) खेलीं। इसमें रविवार का एक ओवर और आज के 31 ओवर शामिल हैं। यानी दिन के 90 ओवर में से लाथम ने नाइट वाचमैन के साथ मिलकर 31 ओवर निकाल लिए। 

इसके बाद लाथम ने कप्तान विलियम्स के साथ मिलकर लगभग 19 ओवर (116 गेंद) बल्लेबाजी की। यानी 50 ओवर इन तीन बल्लेबाजों ने मिलकर निकाल लिए। इसके बाद अश्विन और जडेजा ने भारत की वापसी कराई। एक वक्त कीवी टीम ने 80 ओवर में 138 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 18 ओवर में भारत को जीत के लिए तीन विकेट चाहिए था।

उस वक्त रचिन रवींद्र ने काइल जेमीसन के साथ 46 गेंद (लगभग 8 ओवर) बिताए। जेमीसन (5) के आठवें विकेट के रूप में आउट होने के बाद रचिन ने टिम साउदी के साथ मिलकर 20 गेंद (लगभग 3 ओवर) बिताए। न्यूजीलैंड के 155 पर 9 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद रचिन और एजाज पटेल ने गजब की बल्लेबाजी की। इन दोनों ने 52 गेंद (लगभग 9 ओवर) मैदान पर गुजारे और अश्विन और जडेजा जैसे गेंदबाजों पर विकेट नहीं गंवाया।

2. भारतीय बल्लेबाजों से कहां हुई गलती?

रहाणे और पुजारा
रहाणे और पुजारा - फोटो : सोशल मीडिया
इस मैच में भारत को उनके सीनियर बल्लेबाजों से काफी उम्मीद थी। माना जा रहा था कि खराब फॉर्म में चल रहे चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाएंगे और रन बनाएंगे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और दोनों सस्ते में निपट गए।

अगर मौजूदा फॉर्म को देखा जाए तो रहाणे को टीम से बाहर किया जा सकता है। पिछले 12 महीने में रहाणे ने 12 टेस्ट में 24.66 की औसत से रन बनाए हैं। अश्विन ने उनसे ज्यादा की औसत (26.14) से रन बनाए हैं। इस फॉर्म को देखते हुए मुंबई में होने वाले अगले मैच में विराट कोहली की वापसी पर रहाणे को ड्रॉप किया जा सकता है।

वहीं, पुजारा ने खराब फॉर्म के बावजूद पिछले 12 महीने में कुछ रन बनाए हैं और अहम मौकों पर टीम को मुश्किल से निकाला है। इसमें इस साल की शुरुआत में सिडनी टेस्ट शामिल है। पुजारा ने पिछले 12 महीने में 28.08 की औसत से रन बनाए हैं और किसी-किसी मैच में 30-40 रन बनाकर टीम को मुश्किल परिस्थिति से निकाला है। 

3. बल्लेबाजी में कहां हुई भारत से चूक

शुभमन गिल और मयंक अग्रवाल
शुभमन गिल और मयंक अग्रवाल - फोटो : सोशल मीडिया
भारत को पहले मैच में ओपनिंग में अनुभव की कमी खली। रोहित शर्मा और केएल राहुल यह टेस्ट नहीं खेल रहे थे। ऐसे में ओपनिंग की जिम्मेदारी युवा मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल को सौंपी गई, लेकिन वे विफल रहे। शुभमन ने पहली पारी में फिफ्टी जरूर लगाई, लेकिन एक जोड़ी के तौर पर टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाए। 

पहली पारी में शुभमन ने 52 और मयंक ने 13 रन बनाए। दोनों के बीच सिर्फ 21 रन की साझेदारी हुई। वहीं, दूसरी पारी में शुभमन ने 1 और मयंक ने 17 रन बनाए और दोनों के बीच दो रन की साझेदारी। भारत की मौजूदा टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए इन दोनों के पास अच्छा मौका था, लेकिन यह चूक गए। हालांकि, अगले टेस्ट में फिर इन्हें मौका मिल सकता है, क्योंकि कोई ओपनर मौजूद नहीं है। पर रोहित और राहुल की वापसी पर इनको अपनी जगह खाली करनी पड़ सकती है।

4. तेज गेंदबाजों से कहां हुई चूक?

उमेश यादव और ईशांत शर्मा
उमेश यादव और ईशांत शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय तेज गेंदबाजी इस मुकाबले में अच्छी नहीं रही। ईशांत शर्मा और उमेश यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, पर वो विफल रहे। कुल मिलाकर इन दोनों ने दो विकेट लिए, या यूं कहें सिर्फ उमेश ने दो विकेट लिए। उमेश ने दोनों पारी में एक-एक विकेट लिए। वहीं, तेज गेंदबाजों ने दोनों पारी मिलाकर 16 विकेट चटकाए। 

साउदी ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 3, जबकि जेमीसन ने पहली और दूसरी दोनों पारी में 3-3 विकेट चटकाए। कीवी तेज गेंदबाजों को शुरुआत से ही रिवर्स स्विंग मिल रही थी, जो कि हमारे तेज गेंदबाज नहीं करा सके। ऐसे में अगले टेस्ट में विराट कोहली मोहम्मद सिराज को मौका दे सकते हैं। 

5. स्पिन गेंदबाजी में कौन रहा बादशाह?

अक्षर पटेल और अश्विन
अक्षर पटेल और अश्विन - फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय टीम इस मैच को जीतने की फेवरेट मानी जा रही थी, क्योंकि मैच कानपुर में होना था। इस पिच को स्पिन फ्रेंडली माना जाता है। क्रिकेट इतिहास में इस पिच पर पेसर्स ने 260 विकेट चटकाए हैं। वहीं, स्पिनर्स ने 346 विकेट हासिल किए। भारत के पास अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे स्पिनर्स थे, जो न्यूजीलैंड के विल सोमरविले, एजाज पटेल और रचिन रवींद्र की तुलना में कहीं बेहतर थे। 

ऐसा ही हुआ भी। मैच में न्यूजीलैंड के 19 में से 17 विकेट हमारे स्पिनर्स ने चटकाए। अक्षर ने 6 (5,1), अश्विन ने 6 (3,3) और जडेजा ने 5 (1,4) विकेट लिए। इन तीनों की तिकड़ी कमाल की रही और मुंबई में इन्हीं तीनों को उतारा जा सकता है। वहीं, न्यूजीलैंड के स्पिनर्स भारत के 17 में से तीन ही विकेट निकाल सके। इसका नुकसान कीवी टीम को हुआ। अगले मैच में कीवी टीम एक स्पिनर्स को हटाकर एक और तेज गेंदबाज को टीम में शामिल कर सकती है। 

6. न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को क्या हुआ?

विल यंग और टॉम लाथम
विल यंग और टॉम लाथम - फोटो : सोशल मीडिया
पहले टेस्ट में केन विलियम्सन और रॉस टेलर से काफी उम्मीद की जा रही थी, लेकिन यही दोनों बल्लेबाज फिसड्डी साबित हुए। टॉम लाथम और विल यंग को छोड़कर कोई भी कीवी बल्लेबाज अच्छा नहीं कर सका। लाथम ने पहली पारी में 95 और दूसरी पारी में 52 रन बनाए। वहीं, यंग ने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में दो रन पर अंपायर के गलत फैसले का शिकार हुए। 

इसके अलावा विलियम्सन (18 और 24), रॉस टेलर (11 और 2), हेनरी निकोल्स (2 और 1) और टॉम ब्लंडेल (13 और 2) कुछ खास नहीं कर सके। दूसरी पारी में रचिन रवींद्र ने जरूर अच्छी बल्लेबाजी की और मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब हुए।

7. अगले टेस्ट में किसे मिलेगा मौका?

श्रेयस अय्यर और रवींद्र जडेजा
श्रेयस अय्यर और रवींद्र जडेजा - फोटो : सोशल मीडिया
अब दूसरा टेस्ट मुंबई में खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर ने कानपुर टेस्ट में बेहतरीन बल्लेबाजी की। यह उनका डेब्यू टेस्ट था और पहली पारी में उन्होंने 105 रन और दूसरी पारी में 65 रन बनाए। अब कप्तान विराट कोहली के लिए अगले टेस्ट में प्लेइंग-11 चुनना मुश्किल हो गया है। टीम मैनेजमेंट को यह सोचना होगा कि किसे बाहर किया जाए। वहीं, रवींद्र जडेजा भी एक बल्लेबाज के रूप में सामने आए हैं। पहली पारी में मुश्किल परिस्थितियों के बीच उन्होंने पचास जड़ा। एक ऑलराउंडर के तौर पर इस टेस्ट में उन्होंने अपने रोल के साथ न्याय किया।
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