कार्रवाई: HCA के अध्यक्ष पद से हटाए गए मोहम्मद अजहरुद्दीन, सदस्यता भी रद्द
शीर्ष परिषद ने अजहरुद्दीन के खिलाफ लंबित मामलों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।
विस्तार
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा उनके खिलाफ हितों के टकराव के आरोप लगाए गए हैं। नोटिस के मुताबिक अजहरुद्दीन की सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। शीर्ष परिषद ने अजहरुद्दीन के खिलाफ लंबित मामलों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है। एचसीए के निलंबन नोटिस में कहा गया है, 'सदस्यों द्वारा आपके खिलाफ की गई शिकायतों को देखते हुए इस महीने की 10 तारीख को शीर्ष परिषद की बैठक में यह फैसला किया गया है इस आधार पर आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए कि आपने नियमों का उल्लंघन किया है।'
इसमें कहा गया, 'शीर्ष परिषद आपको निलंबित कर रही है और एचसीए की आपकी सदस्यता इन शिकायतों की जांच होने तक रद्द की जाती है।' शीर्ष परिषद ने अजहरुद्दीन के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं। नोटिस में कहा गया, 'शिकायत में खुलासा किया गया है कि आप दुबई में नॉर्दर्न वॉरियर्स नाम के निजी क्रिकेट क्लब के मार्गदर्शक हैं जो टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेता है जिसे बीसीसीआई से मान्यता हासिल नहीं है। आपने कभी एचसीए को नहीं बताया कि आप क्लब के मार्गदर्शक हैं।'
आज क्रिकेट प्रशासन खतरे में आ गया है -अजहरुद्दीन
अजहरुद्दीन ने इस बीच प्रेस विज्ञप्ति जारी करके उनके खिलाफ कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, 'आज क्रिकेट प्रशासन खतरे में आ गया है क्योंकि मीडिया में गलत बयानी प्रकाशित की गई है। कृपा करके सूचना का सत्यापन करें, दूसरा पक्ष सुनें और फिर एचसीए के संविधान के अनुसार तर्कसंगत रुख अपनाते हुए कुछ प्रकाशित करें क्योंकि आप जो लिखते हैं समाज उस पर भरोसा करता है।'
अजहर ने शीर्ष परिषद के सदस्यों के जॉन मनोज (प्रतिष्ठित कोच) और परिषद में उनके गुट पर निशाना साधा। अन्य चार सदस्य आर विजयानंद, नरेश शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल और अनुराधा हैं। बयान में कहा गया, 'उनके सभी प्रयासों पर पानी फिर गया। उनका इरादा शायद लोकपाल की नियुक्ति में बाधा पहुंचाना था क्योंकि उन्हें डर था कि धोखाधड़ी और हेराफेरी से अर्जित उनके कई क्लबों का खुलासा हो जाएगा और वे अपनी बहुमूल्य संपत्ति से हाथ धो बैठेंगे।'