भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट आज से, लॉर्ड्स में विराट एंड कंपनी को दिखाना होगा दम
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विराट एंड कंपनी गुरुवार को जब ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले के लिए उतरेगी तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करने की होगी कि यह मैच टीम इंडिया और मेजबान के बीच है न कि कोहली और इंग्लैंड के बीच।
एजबेस्टन में खेले गए पहले मैच में जिस तरह से कप्तान कोहली के अलावा बाकी बल्लेबाजों ने इंग्लिश गेदंबाजों के सामने घुटने टेके थे वह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी चिंता की बात है।
कोहली ने एक छोर पर डटे रहकर अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम को मुकाबले में तो बनाए रखा लेकिन 'तू चल में आया' की तर्ज पर एक के बाद एक स्टार बल्लेबाजों का पवेलियन लौटना कई सवाल खड़े कर गया।
ऐसा नहीं है कि सवाल बल्लेबाजों पर ही खड़े हुए हों। कोहली की कप्तानी भी इंग्लैंड में पहला टेस्ट पास करने में नाकाम रही। भारत को अगर लॉर्ड्स जीतना है तो उसके बल्लेबाजों को दम दिखाना होगा।
बल्लेबाजी क्रम होगा चिंता का सबब
बल्लेबाजी क्रम भारत के लिए चिंता का सबब: बल्लेबाजी क्रम में कोहली के सामने कठिन चुनौती है। कप्तान ने पहले टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा पर शिखर धवन को तरजीह दी जिससे लोकेश राहुल को अंतिम एकादश में जगह मिली।
तीसरे नंबर के लिए प्रयोग टीम प्रबंधन के लिए नई बात नहीं है। इससे पहले 2014-15 में कोहली और रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में चौथे टेस्ट में पुजारा की जगह तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा को उतारा था। इसके बाद बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में भी यह प्रयोग जारी रहा लेकिन अगले दो टेस्ट में रहाणे को तीसरे नंबर पर उतारा गया।
पुजारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2015 की घरेलू सीरीज में तीसरे नंबर पर लौटे और छह टेस्ट तक यही क्रम जारी रहा। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ 2016 में सेंट लूसिया टेस्ट में उन्हें फिर बाहर कर दिया गया।
कोहली उस मैच में तीसरे नंबर पर उतरे और दो पारियों में तीन और चार रन बनाए। टीम प्रबंधन को अब यह तय करना है कि इस सत्र में काउंटी क्रिकेट खेलने वाले पुजारा के लिए अंतिम एकादश में जगह है या नहीं। धवन सिर्फ 26 और 13 रन बना सके जबकि राहुल ने चार और 13 रन बनाए।
भारतीय खेमे के अनुसार एजबेस्टन की पिच कठिन थी लिहाजा यह प्रयोग जारी रह सकता है। कोहली की कप्तानी में अभी तक 36 टेस्ट में अलग अलग एकादश उतारी जा चुकी हैं लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम को स्थायित्व की जरूरत है।
दो स्पिनरों के साथ उतर सकता है भारत
मैच के दो दिन पहले लॉर्ड्स पर काफी घास थी लेकिन पहली गेंद पड़ने से पहले इसकी छंटाई होने की उम्मीद है। यदि नहीं भी होता है तो ऐसा माना जा रहा है कि पिच सूखी ही होगी। भारतीय खेमे को ऐसे में अपनी गेंदबाजी की रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।
पहले टेस्ट में बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बावजूद गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने अतिरिक्त बल्लेबाज को उतारने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे स्पिनर पर विचार हो सकता है। ऐसे में उमेश यादव को बाहर रहना पड़ सकता है क्योंकि इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और हार्दिक पांड्या तेज गेंदबाजी का जिम्मा संभालेंगे।
दूसरे स्पिनर के लिए चयन की दुविधा होगी। पिछली बार रवींद्र जडेजा ने 2014 में यहां खेलते हुए दोनों पारियों में तीन विकेट लिए थे और दूसरी पारी में 68 रन भी बनाए थे जिससे भारत मैच जीतने वाला स्कोर बनाने में कामयाब रहा।
कुलदीप यादव की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। उसने नेट पर कप्तान कोहली को गेंदबाजी करके कई मौकों पर उन्हें परेशान किया। कप्तान ने उनकी गेंदबाजी की तारीफ की है और इंग्लैंड में कलाई की स्पिन गेंदबाजी काफी कारगर साबित हो सकती है।
पोप देंगे अली का साथ
टीमें: भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, दिनेश कार्तिक, ऋषभ पंत, करुण नायर, हार्दिक पांड्या, आर अश्विन रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, इशांत शर्मा, उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी।
इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), एलेस्टर कुक, कीटोन जेनिंग्स, जॉनी बेयरस्टो, जोस बटलर, ओलिवर पोप, मोइन अली, आदिल रशीद, जैमी पोर्टर, सैम करन, जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड, क्रिस वोक्स।
प्रसारण : सोनी टेन 3 व सिक्स पर
दोपहर 3 :30 बजे से