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ICC: आईसीसी अध्यक्ष बार्कले तीसरे कार्यकाल के लिए राजी नहीं, क्या बीसीसीआई सचिव जय शाह होंगे अगले चेयरमैन?
Tue, 20 Aug 2024 10:23 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 20 Aug 2024 10:23 PM IST
सार
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए पात्र होता है और न्यूजीलैंड के वकील बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं और अब विजेता के लिए नौ मत का साधारण बहुमत की आवश्यक है।
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जय शाह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मौजूदा चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने 30 नवंबर को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंगलवार को तीसरे कार्यकाल की दौड़ से खुद को अलग कर लिया जिससे खेल की वैश्विक संचालन संस्था में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। शाह इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे या नहीं यह 27 अगस्त तक स्पष्ट हो जाएगा जो चेयरमैन पद के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है।
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चेयरमैन बनने के लिए उम्मीदवार को बहुमत की आवश्यकता
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए पात्र होता है और न्यूजीलैंड के वकील बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं और अब विजेता के लिए नौ मत का साधारण बहुमत (51%) आवश्यक है। इससे पहले चेयरमैन बनने के लिए निवर्तमान के पास दो-तिहाई बहुमत होना आवश्यक था। शाह को आईसीसी के बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माना जाता है। वह वर्तमान में आईसीसी की शक्तिशाली वित्त और वाणिज्यिक मामलों की उप समिति के प्रमुख हैं।
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए पात्र होता है और न्यूजीलैंड के वकील बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं और अब विजेता के लिए नौ मत का साधारण बहुमत (51%) आवश्यक है। इससे पहले चेयरमैन बनने के लिए निवर्तमान के पास दो-तिहाई बहुमत होना आवश्यक था। शाह को आईसीसी के बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माना जाता है। वह वर्तमान में आईसीसी की शक्तिशाली वित्त और वाणिज्यिक मामलों की उप समिति के प्रमुख हैं।
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आईसीसी ने कहा, आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने बोर्ड को पुष्टि की है कि वह तीसरे कार्यकाल के लिए खड़े नहीं होंगे और नवंबर के अंत में अपना वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने पर पद छोड़ देंगे। बार्कले को नवंबर 2020 में आईसीसी के स्वतंत्र अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें 2022 में फिर से इस पद पर चुना गया। मौजूदा निदेशकों को अब 27 अगस्त 2024 तक अगले अध्यक्ष के लिए नामांकन प्रस्तुत करना होगा और यदि एक से अधिक उम्मीदवार हैं तो चुनाव होगा और नए चेयरमैन का कार्यकाल एक दिसंबर 2024 से शुरू होगा।
शाह के पास सबसे युवा आईसीसी चेयरमैन बनने का अवसर
वोटिंग करने वाले 16 सदस्यों में से अधिकांश के साथ शाह के बहुत अच्छे संबंध हैं। वर्तमान में बीसीसीआई सचिव के रूप में शाह का एक साल का कार्यकाल बचा है जिसके बाद उन्हें अक्टूबर 2025 से तीन साल का अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ अवधि) लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई पदाधिकारी तीन साल की कूलिंग ऑफ अवधि से पहले छह साल तक पद पर रह सकता है। कुल मिलाकर कोई व्यक्ति कुल 18 वर्षों तक पद पर रह सकता है, राज्य संघ में नौ और बीसीसीआई में नौ वर्ष। यदि शाह अपने सचिव पद का एक वर्ष शेष रहते हुए आईसीसी में जाने का निर्णय लेते हैं तो उनके पास बीसीसीआई में चार वर्ष शेष रह जाएंगे। वह 35 वर्ष की आयु में आईसीसी के इतिहास में सबसे कम उम्र के चेयरमैन हो सकते हैं। जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने अतीत में आईसीसी का नेतृत्व किया है।
वोटिंग करने वाले 16 सदस्यों में से अधिकांश के साथ शाह के बहुत अच्छे संबंध हैं। वर्तमान में बीसीसीआई सचिव के रूप में शाह का एक साल का कार्यकाल बचा है जिसके बाद उन्हें अक्टूबर 2025 से तीन साल का अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ अवधि) लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई पदाधिकारी तीन साल की कूलिंग ऑफ अवधि से पहले छह साल तक पद पर रह सकता है। कुल मिलाकर कोई व्यक्ति कुल 18 वर्षों तक पद पर रह सकता है, राज्य संघ में नौ और बीसीसीआई में नौ वर्ष। यदि शाह अपने सचिव पद का एक वर्ष शेष रहते हुए आईसीसी में जाने का निर्णय लेते हैं तो उनके पास बीसीसीआई में चार वर्ष शेष रह जाएंगे। वह 35 वर्ष की आयु में आईसीसी के इतिहास में सबसे कम उम्र के चेयरमैन हो सकते हैं। जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने अतीत में आईसीसी का नेतृत्व किया है।