ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने आखिरकार भारत के खिलाफ अपना पहला शतक पूरा कर लिया। ब्रिस्बेन में शुरू हुए चौथे टेस्ट की पहली पारी में लाबुशेन ने एक बार फिर से मुश्किल में फंसी अपनी टीम को संभाला और साथ ही सीरीज का अपना पहला शतक भी लगाया। हालांकि उनकी पारी को आगे बढ़ाने में भारतीय खिलाड़ियों का भी अहम योगदान रहा।
VIDEO: ऐसे कैसे जीतेंगे मैच, टपकाए दो-दो कैच, फिर लाबुशेन ने शतक ठोक दिया
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दरअसल लाबुशेन को उनकी पारी के दौरान दो बार जीवनदान मिले। अगर रहाणे और पुजारा ने उनका कैच नहीं छोड़ा होता तो वे शतक तो दूर अर्धशतक भी नहीं लगा पाते। 204 गेंदों में 108 रन बनाकर आउट होने वाले लाबुशेन का एक बार 37 और दूसरी बार 48 के स्कोर पर आसान कैच छूटा।
सबसे पहले रहाणे ने लाबुशेन का हाथ में आया एक आसान कैच छोड़ दिया। नवदीप सैनी के 35वें ओवर की पांचवीं गेंद लाबुशेन के बल्ले का किनारा लेकर गली की तरफ गई लेकिन वहां मौजूद कप्तान रहाणे ने हाथ में आया एक आसान कैच टपका दिया। इस वक्त लाबुशेन जहां 37 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे वहीं ऑस्ट्रेलिया का स्कोर भी तीन विकेट के नुकसान पर 93 रन था।
Labuschagne gets a life! 😰
— cricket.com.au (@cricketcomau) January 15, 2021
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लाबुशेन को दूसरा जीवनदान
लाबुशेन ने अपनी पारी के दौरान एक बार फिर से भारतीय टीम को उन्हें आउट करने का मौका दिया। लेकिन इस बार पुजारा फेल हो गए। लाबुशेन तब 48 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे जब नटराजन के 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर स्लिप में खड़े पुजारा ने उनका कैच छोड़ दिया। 46वें ओवर में छूटे इस कैच के वक्त ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 113 रन था।
उधर लाबुशेन ने भी इन जीवनदान का बखूबी फायदा उठाया और चौथे विकेट के लिए मैथ्यू वेड के साथ मिलकर 113 रनों की अहम साझेदारी की। यही नहीं उन्होंने भारत के खिलाफ अपना पहला शतक भी जड़ दिया।