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आतंक के अंत को कश्मीर में सेना ने बनाए 8 नए आपरेटिंग बेस, निर्णायक लड़ाई की तैयारी
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sun, 27 Aug 2017 01:07 PM IST
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15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू
- फोटो : file photo
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सेना का मानना है कि अलकायदा से जुड़े आतंकी जाकिर मूसा ग्रुप का घाटी में बहुत अधिक प्रभाव नहीं है। मूसा के संगठन से बहुत थोड़े लोग ही जुड़े हैं। घाटी में तैनात सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू ने कहा कि यह कोई बड़ा संगठन नहीं है और उसके साथ कुछ ही युवा हैं।
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पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है खासकर शोपियां का इलाका। यहां आतंकियों की अच्छी खासी संख्या है। आतंकियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन जारी हैं। इनके खिलाफ ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए आपरेटिंग बेस में बढ़ोतरी की गई है। शोपियां, कुलगाम, पुलवामा आदि में 7 से 8 नए ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए गए हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है इन इलाकों में आतंकियों का सफाया कर शांति बहाल करना है।
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उन्होंने माना कि काफी संख्या में स्थानीय युवा भी आतंकवाद में शामिल हुए हैं लेकिन उन्हें भी जल्द एहसास हो जाएगा कि वह गलत राह पर निकले हैं। जीओसी के अनुसार हिंसा के स्तर में काफी कमी हुई है और माहौल में सुधार आया है ।
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