फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Yashwant Sinha called on the separatists

कश्मीर में यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की अलगाववादियों से बात

Tue, 25 Oct 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Tue, 25 Oct 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
Yashwant Sinha called on the separatists
यशवंत सिन्हा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हुर्रियत नेताओं से मिलकर कश्मीर के हालात तथा अन्य मसलों पर बात की। माना जा रहा है कि कश्मीर हिंसा का हल तलाशने में यह प्रतिनिधिमंडल सहयोग करेगा।

विज्ञापन


तीन दिनी दौरे के बाद यह दल केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। सुबह पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले हुर्रियत (जी) के चेयरमैन एसएएस गिलानी से उनके हैदरपोरा स्थित आवास पर मुलाकात की।
विज्ञापन


इस दौरान हुई बातचीत का खुलासा तो नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि कश्मीर में शांति बहाली तथा माहौल को सामान्य बनाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों को लेकर बातचीत हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम और राज्यपाल से मुलाकात करेगा प्रतिनिधिमंडल

Yashwant Sinha called on the separatists
श्रीनगर में तैनात जवान - फोटो : PTI
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक से मिला, जिन्हें सोमवार को ही जेल से रिहा किया गया था। मीरवाइज ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कश्मीर को विवाद का क्षेत्र मानते हुए केंद्र सरकार को बातचीत की पहल करनी चाहिए।

कश्मीर समस्या का समाधान तभी संभव है जब सरकार सभी पक्षों को शामिल कर बातचीत करे। ऐसा लगता है कि उन्हें जेल से सोची समझी रणनीति के तहत ही एक दिन पहले रिहा किया गया है। गिलानी से मिलने जाने से पहले यशवंत सिन्हा ने पत्रकारों से कहा कि वे प्रतिनिधिमंडल के तौर पर नहीं आए हैं। वे लोग मानवता के आधार पर आए हैं।

उनका मुख्य उद्देश्य पीड़ित लोगों के दर्द तथा दुख को बांटना है। यदि इसमें सफल रहते हैं तो अपने को धन्य समझेंगे। उन्होंने कहा कि मुलाकात के लिए गिलानी ने कोई निमंत्रण नहीं दिया है, बल्कि उन्होंने स्वयं आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मुख्य सूचना 

आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा कि गिलानी और मीरवाइज से बातचीत हुई है। मकसद सिर्फ इनसे मिलना था। आगे भी कई लोगों से मिलने की योजना है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक, पत्रकार भारत भूषण और सेंटर फार डायलाग एंड रिकन्सिलिएशन की सुशोभा बार्वे शामिल हैं।

ज्ञात हो कि प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती तथा राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ ही घाटी के विभिन्न वर्ग के प्रतिनिधिमंडलों से मिलने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed