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जाट आंदोलनः सरकार से बात करने को माने यशपाल मलिक, पर एक शर्त है
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sat, 18 Feb 2017 09:25 AM IST
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जसिया में जाट समाज के धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने चेताया
- फोटो : अमर उजाला
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आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे जाटों की मांगें पूरी कराने के लिए यशपाल मलिक सरकार से दूसरे चरण की वार्ता करने को तैयार हो गए हैं, लेकिन एक शर्त पर। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि सरकार से 20 फरवरी को बातचीत का न्योता मिला है।
हमें वार्ता से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वार्ता से पहले होने वाली बयानबाजी पर अंकुश लगना चाहिए। जसिया में समिति की कार्यकारिणी की बैठक के बाद मलिक ने कहा कि कमेटी ने जो भी निर्णय लिए हैं, उनका खुलासा 19 फरवरी को बलिदान दिवस के मौके पर किया जाएगा।
मलिक ने कहा कि उनका प्रयास है कि 36 बिरादरी के साथ ही संतों-महात्माओं का समर्थन भी उन्हें मिले। इस कड़ी में आज रामपाल के अनुयायी समर्थन देने पहुंचे हैं। धरनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। सरकार के साथ 20 फरवरी को बातचीत करेंगे।
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हमें वार्ता से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वार्ता से पहले होने वाली बयानबाजी पर अंकुश लगना चाहिए। जसिया में समिति की कार्यकारिणी की बैठक के बाद मलिक ने कहा कि कमेटी ने जो भी निर्णय लिए हैं, उनका खुलासा 19 फरवरी को बलिदान दिवस के मौके पर किया जाएगा।
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मलिक ने कहा कि उनका प्रयास है कि 36 बिरादरी के साथ ही संतों-महात्माओं का समर्थन भी उन्हें मिले। इस कड़ी में आज रामपाल के अनुयायी समर्थन देने पहुंचे हैं। धरनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। सरकार के साथ 20 फरवरी को बातचीत करेंगे।
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बीते दिन ठुकरा दिया था प्रस्ताव
जाट नेता यशपाल मलिक
गौरतलब है कि बीते दिन यशपाल मलिक गुट और सरकार के बीच गतिरोध और बढ़ा गया था। मलिक गुट ने साफ कर दिया है कि सरकार और भाजपा नेताओं की ओर से जाट आंदोलन व आरक्षण को लेकर की जा रही बयानबाजी जब तक बंद नहीं होगी, तब तक वे दूसरे दौर की वार्ता के लिए नहीं आएंगे।
यशपाल मलिक ने कहा था कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं, लेकिन अब वार्ता सभी आंदोलनकारियों की सर्वसम्मति से ही होगी। सरकार उनके साथ दोहरे मापदंड अपना रही है।
उन्होंने पहले दौर की वार्ता में खुले मन से हिस्सा लिया था, लेकिन पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब तो सीधे सरकार से बातचीत होगी, वरना हम आगे की रणनीति पर काम करेंगे।
यशपाल मलिक ने कहा था कि सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रस्ताव तो आ रहे हैं, लेकिन अब वार्ता सभी आंदोलनकारियों की सर्वसम्मति से ही होगी। सरकार उनके साथ दोहरे मापदंड अपना रही है।
उन्होंने पहले दौर की वार्ता में खुले मन से हिस्सा लिया था, लेकिन पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब तो सीधे सरकार से बातचीत होगी, वरना हम आगे की रणनीति पर काम करेंगे।