पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं मोटापे से परेशान, पतला होने के लिए करा रहीं ऑपरेशन
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देशभर में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं मोटापा को गंभीरता से लेती हैं। वह मोटापे को लेकर सबसे ज्यादा परेशान भी रहती हैं। जिसकी वजह से एम्स से लेकर तमाम प्राइवेट अस्पतालों में मोटापा कम करने के लिए ऑपरेशन की संख्या बढ़ी है।
जानकारों का दावा है कि बीते दो से तीन सालों में इनकी औसत वृद्धि करीब तीस फीसदी है। एम्स सर्जरी विभाग के डा. संदीप अग्रवाल बताते हैं मोटापा हर आयु वर्ग के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
ऑपरेशन कराने वालों में पुरुष और महिलाओं के बीच अंतर निकालें तो करीब 30 एवं 70 फीसदी का अनुपात है। मोटापा को लेकर सबसे ज्यादा महिलाएं गंभीर हैं। इनके पीछे खानपान सबसे बड़ी समस्या है। सुबह से लेकर रात तक बगैर किसी दिनचर्या के कुछ भी खाते रहना बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
प्लास्टिक सर्जरी भी करवा रहे मरीज
बत्रा अस्पताल के सर्जरी विभाग के डा. कुमार मनीष व प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डा. विपुल सूद बताते हैं कि मोटापा कम करने के लिए बेरिएटिक सर्जरी कराई जाती है। वहीं, इसके अलावा त्वचा में ढीलापन होने की वजह से मरीज प्लास्टिक सर्जरी भी करवा रहे हैं।
कालरा अस्पताल के निदेशक डा. आरएन कालरा का कहना है कि सभी मोटे लोगों के लिए ऑपरेशन जरूरी नहीं है। बॉडी मास इंडेक्स के अनुसार, चिकित्सीय जांच के बाद ही यह निश्चित होता है कि मरीज को दवाओं से पतला करना है या फिर ऑपरेशन से।
सबसे जरूरी है प्रतिदिन व्यायाम और जीवनशैली पर नियंत्रण। इसे फॉलो करने पर ऑपरेशन की नौबत नहीं आएगी।