यूपी: कहां हो रहा मरीज का इलाज और क्या है बीमारी, एक क्लिक पर मिलेगी हर जानकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब मेरठ के लोगों की बीमारियां एक क्लिक पर स्वास्थ्य विभाग के सामने होंगी। मरीज को कौन सी बीमारी है और उसका कहां (सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल, महिला अस्पताल) किस तरह से किया जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। गांव हो या शहर, अब स्वास्थ्य संबंधित अधिकारी एक क्लिक के जरिए यह पता लगा सकेंगे कि मरीज की स्थिति में क्या सुधार है।
जानें कैसे होगी बीमारियों की मॉनिटरिंग :-
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफॉरमेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) पोर्टल शुरू किया जा रहा है, जिसमें हर रोज यह डाटा फीड करना होगा। डाटा फीड न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसका लॉग इन पासवर्ड जिला मुख्यालय एवं लखनऊ कार्यालय के पास भी रहेगा। अधिकारी खुद लॉग इन पासवर्ड की मदद से मॉनिटरिंग के साथ ही समय-समय पर कार्यक्रम की समीक्षा भी कर सकेंगे।
पांच राज्यों में लांच होगा पोर्टल
वर्तमान में मरीजों का डाटा इकट्ठा करने में काफी समय लग जाता है और सही से मॉनिटरिंग न होने पाने के कारण बीमारियों पर अंकुश लगाने में समय लगता है। यह पोर्टल यूपी समेत पांच राज्यों में लांच हो रहा है। पोर्टल केसंचालन के लिए राज्य, जनपद और ब्लॉक स्तर के प्रदेश के समस्त जनपदों के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर प्रत्येक ब्लॉक में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, एक चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ब्लॉक स्तर पर एएनएम और हेल्थ सुपरवाइजर आदि को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एक करोड़ 30 लाख रुपये प्रशिक्षण पर किए जाएंगे खर्च
प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ 30 लाख 12 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दो स्थानों पर प्रशिक्षण होगा, जनपद मुख्यालय और ब्लॉक स्तर पर। जनपद मुख्यालय स्तर पर 39 लाख दो हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए 91 लाख 10 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन बीमारियों की अपडेट रहेगी सूचना
मुख्यत: हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डिफ्थीरिया, चिकनपॉक्स, बुखार, मानसिक रोग, डॉग बाइट, स्नैक बाइट, पीलिया, कालाजार, टीबी, फाइलेरिया, टिटनस, मीजल्स, कैंसर, हृदय रोगी, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, किडनी, बाल रोग, दंत रोग, चर्म रोग समेत 33 बीमारियां हैं।
अनमोल एप का भी लिया जाएगा सहारा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एएनएम को टेबलेट दिए जाएंगे। एएनएम को दिनभर में किए गए काम की जानकारी अनमोल एप की मदद से तत्काल आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) के तहत पोर्टल पर फीड करनी होगी।
सीएमओ डॉ. राजकुमार के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यह कवायद की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि हर बीमारी का डाटा हर रोज स्वास्थ्य विभाग और शासन के पास हो। मेरठ में किस बीमारी के कितने मरीज हैं और उनका इलाज किस तरह किया जा रहा है, यह भी जानकारी रहेगी।