कश्मीर में फिदायीन हमला नाकाम करने वाले सीआरपीएफ के जांबाज हुए सम्मानित
सीआरपीएफ कैंप सुंबल में फिदायीन हमले को नाकाम करने वाले जांबाज जवानों की डीजी सीआरपीएफ राजीव राय भटनागर ने सोमवार को पीठ थपथपाई। सुंबल सीआरपीएफ कैंप पहुंचे भटनागर ने हमले की जानकारी ली और बहादुर जवानों को सम्मानित किया।
उन्होंने सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों के तालमेल की प्रशंसा की। इस दौरान डीजीपी डा. एसपी वैद और आईजीपी कश्मीर मुनीर अहमद खान भी मौजूद रहे।
सीआरपीएफ के डीजी राजीव राय भटनागर ने सोमवार को सुंबल पहुंचकर सीआरपीएफ की 45 बटालियन कैंप का दौरा किया, जहां पर चार फिदायीन आतंकियों ने हमला किया था। उन्होंने यहां पहुंच कर मुठभेड़ स्थल का जायजा लिया और उन जवानों से मुलाकात कर उनकी पीठ थपथपाई, जिन्होंने चार आतंकियों को ढेर किया था।
कैंप और जवानों को सुरक्षित रखने के लिए जवानों ने बहादुरी की एक बड़ी मिसाल पेश की है। भटनागर ने यह भी कहा कि मैं यहां उन्हें शाबाशी देने पहुंचा हूं और उम्मीद जताई कि सीआरपीएफ और जेके पुलिस ऐसे ही तालमेल से आतंक का सफाया करेगी।
डीजीपी डा. एसपी वैद ने कहा कि मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है। अभी यह नहीं पता लग पाया है कि यह पुराने आतंकी थे या नए घुसपैठ किए हुए, लेकिन इतना साफ है कि यह विदेशी आतंकी थे जिनका संबंध लश्कर से था।
गौरतलब है कि सुंबल में इस समारोह के दौरान 45वीं बटालियन के 23, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन जवानों को सम्मानित किया गया, जिनमें एसडीपीओ सुंबल राशिद खान और एसएचओ सुंबल भी शामिल है।