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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   The proposal for a separate prison for terrorists

श्रीनगर जेल में अपराधियों के आतंकवादियों के संपर्क आने से सरकार परेशान

Fri, 27 May 2016 11:46 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Fri, 27 May 2016 11:46 AM IST
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The proposal for a separate prison for terrorists
जेल - फोटो : Demo Pic.
जम्मू-कश्मीर सरकार को श्रीनगर केंद्रीय जेल में बंद अपराधियों के आतंकवादियों से प्रभावित होने का डर सताने लगा है। इसलिए राज्य सरकार ने जेल में कैद पथराव के आरोपियों सहित सामान्य कैदियों को कट्टर आतंकवादियों से अलग करने में केंद्र सरकार से सहयोग मांगी है। 
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ऐसी खुफिया जानकारी मिली है कि कट्टर आतंकी छोटे-छोटे अपराधों में जेल में बंद युवकों को बहकाने की कोशिश कर रहे हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह बहुत ही गंभीर मसला है और इस पर जल्द से जल्द लगाम लगाने की जरूरत है।
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अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से सात करोड़ रुपये की मांग की है जिससे कि एक नई जेल का निर्माण किया जा सके और उसमें कट्टर आतंकियों को रखा जा सके। अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर केंद्रीय जेल की क्षमता 300 कैदियों की है लेकिन इसमें 450 कैदी हैं। यह स्थान एक समय महाराजा हरि सिंह का अस्तबल हुआ करता था।
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अधिकारियों ने बताया कि अभी तक छोटे-मोटे अपराधियों को कट्टर आतंकियों से अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। कट्टर आतंकी ऐसे अपराधियों का न केवल दिमाग बदलने की कोशिश करते हैं बल्कि उनका इस्तेमाल मैसेंजर के रूप में भी करते हैं।
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