सूखा प्रभावित किसानों के साथ स्वराज अभियान ने की नीयत की नपाई मुहिम
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दिल्ली में रविवार को अनूठा विरोध प्रदर्शन दिखा। सूखा प्रभावित किसानों के साथ स्वराज इंडिया अध्यक्ष योगेंद्र यादव सुप्रीम कोर्ट से कृषि भवन की दूरी नापने निकले। यादव के मुताबिक, नीयत की नपाई नाम की मुहिम का मकसद यह पता करना था कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने में अभी तक नाकाम क्यों रही है।
दोपहर बाद करीब 12:30 बजे योगेंद्र यादव अपने साथियों के साथ भगवान दास रोड से कृषि मार्ग के लिए निकले। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। किसानों के काफिले के थोड़ी दूर आगे बढ़ते ही पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद योगेंद्र यादव की पुलिस से काफी कहासुनी हुई। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की इजाजत नहीं दी। इससे नाराज लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने योगेंद्र यादव समेत कई किसानों को हिरासत में लिया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
इस बीच कुछ किसान वाया बहादुर शाह रोड कृषि भवन की दूरी नापने में कामयाब रहे। सुप्रीम कोर्ट से कृषि भवन की दूरी करीब 2810 मीटर पाई गई। पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद योगेंद्र यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने करीब पांच महीने पहले सूखा पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए ऐतिहासिक फैसला किया था।
स्वराज अभियान की अवमानना याचिका आज
जिसे कृषि मंत्रालय को लागू करना था। लेकिन तीन किमी से भी कम दूरी पर स्थित कृषि भवन तक फैसला 4000 घंटे में भी पहुंच नहीं सका। जबकि कछुआ भी इस दूरी को 10 घंटे 30 मिनट में पूरा कर लेता है। इससे खेती-किसानी को लेकर सरकार की असल नीयत का पता चलता है।
स्वराज अभियान की तरफ से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि देश के सूखा पीड़ित राज्यों में बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों को 5 किलो अनाज, स्कूल में गर्मियों के छुट्टी में भी मध्याह्न भोजन के साथ किसानों को दिए गए बैंक कर्ज में नरमी बरती जाए।
वहीं, बच्चों को हफ्ते में दूध या अंडा दिया जाए। स्वराज अभियान ने बताया कि मामले में वह सोमवार दो बजे केंद्र के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने जा रहे हैं।