फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   strategy of congress in municipal corporation election failed

भाजपा में सेंधमारी को जुटी कांग्रेस, अपना कुनबा भी नहीं बचा पाई

Tue, 20 Jun 2017 03:18 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, शिमला
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 20 Jun 2017 03:18 PM IST
विज्ञापन
strategy of congress in municipal corporation election failed

नगर निगम शिमला चुनाव में बढ़त लेने के बाद पूर्ण बहुमत के लिए चले सियासी खेल में भाजपा ने फिर कांग्रेस को रणनीतिक मात दी है। भाजपा ने निगम चुनाव परिणाम आने के बाद एक तीर से दो निशाने साध लिए हैं। एक तो अपने पार्षदों को कांग्रेस के साये से दूर रखा जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के खेमे में सेंध लगाने में भी कामयाबी पाई।

विज्ञापन


कांग्रेस भांप ही नहीं पाई कि भाजपा के 18 पार्षद हरियाणा के किस हिस्से में कैंप कर रहे हैं। इसी बीच भाजपा की एक टीम शिमला में कांग्रेस में सेंध लगाकर एक और निर्दलीय को उठा ले उड़ी। चुनाव परिणाम के बाद कुनबा संभालने में कांग्रेस की विफलता उनके रणनीतिकारों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सबक है। रणनीतिक नाकामी को कांग्रेस संगठन-सरकार में कमजोर तालमेल से जोड़कर देखा जा रहा है।

विज्ञापन

नगर निगम चुनाव परिणाम में पिछड़ने के बाद कांग्रेस की रणनीतिक हार

strategy of congress in municipal corporation election failed

नगर निगम चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने बतौर संगठन कांग्रेस को हर मोर्चे पर मात दी है। बहुमत से एक पार्षद कम रहने के बावजूद उन्होंने नतीजे आने के एक घंटे के भीतर निर्दलीय को अपने पाले में मिला लिया। 18 पार्षदों का आंकड़ा पूरा करने के बाद भाजपा मेयर की कुर्सी की मैनेजमेंट में जुटी।

अपने पार्षदों को हरियाणा में सुरक्षित पहुंचाने के बाद पार्टी ने कांग्रेस में सेंधमारी का व्यूह रचा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ओक ओवर में बैठकें करते हैं। कांग्रेस अपने 12 पार्षदों, एक माकपा और 3 निर्दलियों के भरोसे भाजपा में सेंधमारी करने का दावा करती रही।

दूसरी तरफ भाजपा ने निर्दलियों पर डोरे डालने की रणनीति पर काम किया। सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह से पहले भाजपा ने कांग्रेस के पाले से एक और निर्दलीय को तोड़ लिया। कांग्रेस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह निर्दलीय दोपहर मुख्यमंत्री वीरभद्र से भी मिला था, लेकिन उसके बाद सीधे भाजपा पार्टी कार्यालय पहुंच गया।

भाजपा ने प्राथमिकता सदस्यता का फार्म भरकर निर्दलीय को भाजपा का सदस्य बना अपना कुनबा और मजबूत कर लिया। कांग्रेस मेयर चुनाव के लिए कोरम के पेच में उलझी रही। 15 पार्षदों ने शपथ ग्रहण के बाद वाकआउट किया। अब कांग्रेस का यह दांव भी काम नहीं आएगा। 19 पार्षदों के साथ भाजपा मंगलवार को सदन में जाएगी।  

कड़ी निगरानी में भाजपा के 19 पार्षद, दो और पर है नजर

strategy of congress in municipal corporation election failed

नगर निगम में अपना संख्या बल 19 कर चुकी भाजपा के लिए सोमवार की रात बेहद अहम है। एक पार्षद के पाला बदलने के बाद बौखलाई कांग्रेस पलटवार की तैयारी में है। ऐसे में भाजपा अपने सभी पार्षदों को शहर से बाहर सुरक्षित ठिकाने पर ले गई है।

शहर विधायक सुरेश भारद्वाज और चुनाव प्रभारी राजीव बिंदल उनके साथ बताए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं की मानें तो कांग्रेस खेमे के दो और पार्षद उनके संपर्क में हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे भाजपा बचत भवन में मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए पहुंचेंगे।

नतीजों से भाजपा एकजुट, कांग्रेस में बिखराव
नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद से भाजपा नेताओं ने एक टीम की तरह काम किया है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व पूरे चुनाव में बिखरा हुआ दिखा। प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार की रणनीति में भाजपा ने कांग्रेस को मात दी।

परिणाम पूरी तरह से पक्ष में नहीं आने के बाद भी भाजपा का मनोबल नहीं टूटा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, चुनाव प्रभारी व विधायक राजीव बिंदल, विधायक सुरेश भारद्वाज, पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा ने एक फ्रंट में आकर

खेमेबाजी के आरोपों पर भी विराम लगाया। वरिष्ठ नेताओं की टीम ने अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के साथ कांग्रेस खेमे में गए निर्दलियों से संपर्क बनाए रखा।

विज्ञापन

पहले सीएम को दिया भरोसा, फिर भाजपा के हो लिए परमार

strategy of congress in municipal corporation election failed

निर्दलीय पार्षद संजय परमार ने पहले सीएम वीरभद्र सिंह को ये भरोसा दिलाया कि वे कांग्रेस के साथ ही रहेंगे, मगर थोड़ी ही देरी में वे भाजपा के हो लिए। सोमवार को सवेरे ही संजय परमार ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से राज्य सचिवालय मेें भेंट की और उन्हें निश्चिंत रहने को कहा।

उसके बाद कहा कि संजय ने बहाना बनाया कि ओक ओवर शिमला में रखी गई बैठक में नहीं आ पाएंगे, क्योंकि उन्हें अस्पताल जाना है। डेढ़ बजे के बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने ओक ओवर शिमला में केवल 14 पार्षदों के साथ ही बैठक की।

उधर, दोपहर बाद संजय परमार भाजपा के नेताओं से घिरे हुए नगर निगम शिमला के कार्यालय पहुंचे। संजय परमार सीएम वीरभद्र सिंह के निर्वाचन क्षेत्र शिमला ग्रामीण के कच्ची घाटी से पार्षद हैं।

उन्होंने एक तरह से सीएम को भी झटका दिया, जबकि उन्होंने संजय को नगर निगम शिमला का मनोनीत पार्षद बनाकर तोहफा दिया था। 

सीएम के निर्वाचन क्षेत्र शिमला ग्रामीण के कच्ची घाटी पार्षद हैं संजय, झटका दिया

strategy of congress in municipal corporation election failed

रविवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी निवास स्थान में हुई कांग्रेस और तीन निर्दलीय पार्षदों की बैठक से ही संजय परमार की तरफ से पार्टी नेताओं को कुछ गड़बड़ होने के संकेत मिल गए थे।

जब ओक ओवर में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों का फोटो सेशन चला तो संजय परमार उससे पहले ही किसी जरूरी पारिवारिक काम की बात कर निकल गए थे।

माना जा रहा है कि रात से ही संजय परमार भाजपा नेताओं से संपर्क में थे। उसके बाद सोमवार सवेरे संजय एक बार सीएम वीरभद्र सिंह से मिलने गए। उनके साथ सीएम के करीबी हर्ष महाजन और मुख्य संसदीय सचिव इंद्रदत्त लखनपाल भी थे। सूत्रों ने बताया कि संजय ने सीएम वीरभद्र सिंह को भरोसा दिलाया कि वे निश्चिंत रहें।

वे कांग्रेस के साथ हैं। संजय परमार को वीरभद्र सरकार ने मनोनीत पार्षद बनाया था। उसके बाद वे अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए खासे सक्रिय थे। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने संजय परमार को इसकी दुहाई भी दी। इसके बाद परमार कहीं चले गए। उसके बाद वे भाजपा नेताओं से घिरे हुए ही नगर निगम शिमला के हाउस में पहुंचे। 



सीएम ने सभी 14 पार्षदों को एकजुट होने को कहा 
सीएम वीरभद्र सिंह ने ओक ओवर शिमला में सभी 14 पार्षदों को एकजुट होने को कहा। इसी दौरान कई पार्षद बहुमत की स्थिति में मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए अपना पक्ष भी पेश करते रहे।

निर्दलीयों ने भी अपनी शर्तें पेश कीं। पूरी बैठक में बहुमत जुटाने की ही चिंता रही। बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हर्ष महाजन, पर्यटन निगम शिमला के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा और अन्य नेता मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed