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100 करोड़ दान करने वाले संत नहीं रहे, सीएम ने जताया शोक
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:57 PM IST
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कल्पना चावला के चाचा के संत अमरीक देव का निधन
- फोटो : अमर उजाला
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करनाल की बेटी कल्पना चावला के चाचा निर्मल कुटिया के संत अमरीक देव का निधन हो गया है। संत अमरीक ने 10 साल पहले निर्मल कुटिया को अपनी 500 करोड़ की संपत्ति दान कर दी थी, उसके बाद वे चर्चा में आए थे। वीरवार देर रात्रि करनाल में ही उन्होंने आखिरी सांस ली। मुख्यमंत्री खट्टर ने संत अमरीक के निधन पर शोक जताया है।
संत निक्का जी महाराज के नाम पर चल रहे विद्यालय की देख रेख संत अमरीक ही करते थे। स्कूल में करीब 5000 बच्चे निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा निर्मल धाम माडल टाउन में वृद्धाश्रम भी है जिसमें करीब 200 बुजुर्ग निशुल्क रहते हैं, यहां पर उनके लिए खाने पीने की भी निशुल्क व्यवस्था है।
निर्मल धाम में बाल आश्रम भी है जिसमें करीब 50 बेसहारा बच्चे रहते हैं इन बच्चों का खाना-पीना, शिक्षा तथा सभी दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं निशुल्क हैं। इसके अलावा माडल टाउन में व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चल रहा है जिसमे करीब 160 जरूरतमंद छात्राएं निशुल्क प्रशिक्षण ले रही हैं ।
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मुख्यमंत्री खट्टर ने शोक संदेश में कहा कि संत अमरीक देव ने अपना सारा जीवन दीन-दुखियों की सहायता के लिए समर्पित कर दिया। परमात्मा उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति मिले। उन्होंने कहा कि संत जी एक सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने जरूरतमंद व्यक्तियों और बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा, उनके रहने का प्रबन्ध तथा रोजमर्रा की जरूरतमंद सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा सार्थक प्रयास किए।
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संत निक्का जी महाराज के नाम पर चल रहे विद्यालय की देख रेख संत अमरीक ही करते थे। स्कूल में करीब 5000 बच्चे निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा निर्मल धाम माडल टाउन में वृद्धाश्रम भी है जिसमें करीब 200 बुजुर्ग निशुल्क रहते हैं, यहां पर उनके लिए खाने पीने की भी निशुल्क व्यवस्था है।
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निर्मल धाम में बाल आश्रम भी है जिसमें करीब 50 बेसहारा बच्चे रहते हैं इन बच्चों का खाना-पीना, शिक्षा तथा सभी दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं निशुल्क हैं। इसके अलावा माडल टाउन में व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चल रहा है जिसमे करीब 160 जरूरतमंद छात्राएं निशुल्क प्रशिक्षण ले रही हैं ।
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मुख्यमंत्री खट्टर ने शोक संदेश में कहा कि संत अमरीक देव ने अपना सारा जीवन दीन-दुखियों की सहायता के लिए समर्पित कर दिया। परमात्मा उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति मिले। उन्होंने कहा कि संत जी एक सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने जरूरतमंद व्यक्तियों और बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा, उनके रहने का प्रबन्ध तथा रोजमर्रा की जरूरतमंद सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा सार्थक प्रयास किए।