धूमल ने सुक्खू पर फिर दिया बयान, फोरलेन प्रभावितों के लिए बड़ी घोषणा
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पर उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि नादौन के दो भाई-बहनों की राज्यपाल और सरकार को भेजी शिकायत की जांच करवाने की बात कही थी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को जांच का इंतजार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नैतिक दायित्व बनता है कि वह शिकायत की जांच करवाएं। शनिवार को पीएम रैली की तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे धूमल ने प्रेसवार्ता में कहा कि फोरलेन प्रभावितों को फैक्टर वन और टू के तहत मुआवजा देना सरकार को तय करना है।
एक तरफ कांग्रेस किसान हितैषी होने की बात कर रही है, वहीं यूपीए सरकार के समय बने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के मुताबिक प्रभावितों को मुआवजा नहीं दे रही है। भाजपा सत्ता में आई तो फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
कहा कि केंद्र सरकार ने थोड़े से कार्यकाल में हिमाचल को बहुत कुछ दिया है। पूर्व सैनिकों की वर्षों से लंबित वन रैंक, वन पेंशन की मांग पूरी की है। हिमाचल को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया है।
कांग्रेस सरकार के चलते हिमाचल को हुआ नुकसान
केंद्रीय कर में राज्यों की हिस्सेदारी को केंद्र सरकार ने 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया है। कहा कि यूपीए सरकार ने हिमाचल के साथ अन्याय किया था। औद्योगिक पैकेज, विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किया था। इससे हिमाचल को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को 61 एनएच, तीन फोरलेन, छह ओवर ब्रिज घोषित किए, लेकिन अभी सरकार डीपीआर नहीं भेज पाई है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने बेस्ट कंसलटेंट नियुक्त कर जल्द डीपीआर भेजने को कहा था।
इसके लिए पैसे भी केंद्र देने को तैयार है। प्रदेश सरकार विधायक प्राथमिकता में भेजी योजनाओं की तीन साल से डीपीआर नहीं बना पा रही है। इस दौरान सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक कर्नल इंद्र सिंह, विनोद कुमार, प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा, जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।