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हर साल की एक ही कहानी, भर जाता है सड़कों पर पानी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 31 May 2017 04:55 PM IST
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बारिश के बाद शहर की सड़कों पर भरा पानी
- फोटो : amar ujala
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मानसून आने के संभवतया ठीक एक महीने पहले बुधवार को हुई तेज बारिश ने प्रशासन के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। राजधानी जयपुर में हर बार की तरह इस बार भी एक ही बारिश में सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए, तो दूसरी तरफ पानी के जमा हो जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
महज आधे घंटे की बरसात में ही शहर के छोटे बड़े नाले ओवरफ्लो हो गए जिनका पानी सड़कों तक आ गया। टूटी सड़कों के कारण कहीं कहीं दुर्घटनाएं होने का अंदेशा भी बना रहा वहीं सड़कों पर खुले गड्ढे बड़े हादसों को न्यौता देते नजर आए। वैसे शहर की सड़कों पर बारिश से गड्ढे और पानी का जमा होना कोई नई बात नहीं है। हर साल की तरह मानसून के पहले कलेक्टर शहर के गड्ढों की सफाई और बरसाती पानी के निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के आदेश तो निकाल देते हैं, लेकिन स्थितियां वही जस की तस ही बनी रहती है। मानसून आने में एक महीना भी नहीं बचा है, मगर जयपुर नगर निगम की ओर से अब तक शहर के गड्ढों की सफाई नहीं हुई है।
वहीं जेडीए ने भी शहर की टूटी हुई सड़कों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं की है। जहां एक तरफ मानसून की बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आती है, तो वहीं अव्यवस्थाएं लोगों के लिए दर्द का सबब बन जाती है।
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हर साल टूटी सड़कों और खुले गड्ढों के कारण कई लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं और बारिश के बाद जमा होने वाले पानी में मलेरिया के मच्छरों का जन्म होता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप साल के अंत तक बदस्तूर जारी रहता है, जिनकी शुरुआत प्रशासन द्वारा अभी से ही सावधानी नहीं बरतने के कारण होती है।
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महज आधे घंटे की बरसात में ही शहर के छोटे बड़े नाले ओवरफ्लो हो गए जिनका पानी सड़कों तक आ गया। टूटी सड़कों के कारण कहीं कहीं दुर्घटनाएं होने का अंदेशा भी बना रहा वहीं सड़कों पर खुले गड्ढे बड़े हादसों को न्यौता देते नजर आए। वैसे शहर की सड़कों पर बारिश से गड्ढे और पानी का जमा होना कोई नई बात नहीं है। हर साल की तरह मानसून के पहले कलेक्टर शहर के गड्ढों की सफाई और बरसाती पानी के निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के आदेश तो निकाल देते हैं, लेकिन स्थितियां वही जस की तस ही बनी रहती है। मानसून आने में एक महीना भी नहीं बचा है, मगर जयपुर नगर निगम की ओर से अब तक शहर के गड्ढों की सफाई नहीं हुई है।
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वहीं जेडीए ने भी शहर की टूटी हुई सड़कों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं की है। जहां एक तरफ मानसून की बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आती है, तो वहीं अव्यवस्थाएं लोगों के लिए दर्द का सबब बन जाती है।
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हर साल टूटी सड़कों और खुले गड्ढों के कारण कई लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं और बारिश के बाद जमा होने वाले पानी में मलेरिया के मच्छरों का जन्म होता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप साल के अंत तक बदस्तूर जारी रहता है, जिनकी शुरुआत प्रशासन द्वारा अभी से ही सावधानी नहीं बरतने के कारण होती है।