जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले ने नए साल की सुरक्षा को बनाया चुनौती
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पांपोर में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले ने नए साल की सुरक्षा को चुनौती बना दिया है। साफ है कि मौजूदा वर्ष खत्म होने तक आतंकी किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे हैं। सुरक्षा बलों के लिए आने वाले दिन कड़ी चुनौती रहेंगे।
अनंतनाग से पांपोर के बीच के हाईवे पर आतंकियों ने सुरक्षा बलों के काफिलों को कई बार निशाना बनाया है। बावजूद इसके इस क्षेत्र पर सुरक्षा मजबूत नहीं। इस क्षेत्र के 15 किलोमीटर से अधिक हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव राज्य पुलिस ने तैयार कर रखा है, लेकिन अभी तक कैमरे नहीं लगाए गए।
सीआरपीएफ के काफिले पर हमला होने के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब एक साल होने को है, लेकिन कैमरे नहीं लगाए गए। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि साल खत्म होने से पहले आतंकी कई हमले करने की साजिश रच रहे हैं। ताकि नए साल पर इसका असर रहे।
गणतंत्र दिवस की सुरक्षा भी चुनौती
कश्मीर के साथ जम्मू संभाग में भी इस बार गणतंत्र दिवस की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। नगरोटा और सांबा में आतंकी हमलों के बाद यह चुनौती और बढ़ गई है।
पुलिस की तरफ से बार्डर के इलाकों में सुरक्षा को पुख्ता किया जा रहा है, लेकिन खतरा बरकरार है। सुरक्षा एजेंसियों के पास लगातार आतंकी हमलों और बार्डर से घुसपैठ होने के इनपुट पहुंच रहे हैं।