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शिक्षकों के तबादले से जुड़ी बेहद अहम खबर, पढ़ें यहां क्लिक करके
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 24 Jun 2016 05:05 PM IST
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शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के शिक्षकों के लिए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति जारी कर दी है।
शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के शिक्षकों के लिए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति जारी कर दी है। तबादले के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने 31 मार्च 2016 तक कार्यरत जिले में तीन साल पूरे कर लिए हों।
वहीं दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक उस जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे जूनियर माने जाएंगे। तबादले के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन ही लिए जाएंगे और बेसिक शिक्षा परिषद को यह कार्यवाही हर हाल में 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी।
इसके बाद कोई भी अंतर्जनपदीय तबादला नहीं हो सकेगा। किसी भी शिक्षक का तबादला ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र और नगर क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में नहीं किया जाएगा।
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दो साल के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार शाम सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति वर्ष 2016-17 जारी कर दी।
इसमें कहा गया है कि शिक्षकों के अनुरोध और परिस्थितिजन्य कारणों को देखते हुए ही दूसरे जिले में तबादला किया जाएगा। जिले में तीन साल की सेवाएं पूरी न होने पाने की वजह से करीब एक लाख 94 हजार समायोजित शिक्षामित्रों और नए भर्ती हुए शिक्षकों को इस नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
प्रत्येक शिक्षक को पांच जिलों का विकल्प देना होगा। पद खाली होने पर ही उन्हें वरीयता क्रम में दिए गए जिलों में मौका मिल सकेगा। जिन जिलों में पद खाली नहीं हैं, उनमें किसी भी दशा में तबादला नहीं किया जाएगा।
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शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के शिक्षकों के लिए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति जारी कर दी है। तबादले के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने 31 मार्च 2016 तक कार्यरत जिले में तीन साल पूरे कर लिए हों।
वहीं दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक उस जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे जूनियर माने जाएंगे। तबादले के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन ही लिए जाएंगे और बेसिक शिक्षा परिषद को यह कार्यवाही हर हाल में 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी।
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इसके बाद कोई भी अंतर्जनपदीय तबादला नहीं हो सकेगा। किसी भी शिक्षक का तबादला ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र और नगर क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में नहीं किया जाएगा।
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दो साल के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार शाम सचिव बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति वर्ष 2016-17 जारी कर दी।
इसमें कहा गया है कि शिक्षकों के अनुरोध और परिस्थितिजन्य कारणों को देखते हुए ही दूसरे जिले में तबादला किया जाएगा। जिले में तीन साल की सेवाएं पूरी न होने पाने की वजह से करीब एक लाख 94 हजार समायोजित शिक्षामित्रों और नए भर्ती हुए शिक्षकों को इस नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
प्रत्येक शिक्षक को पांच जिलों का विकल्प देना होगा। पद खाली होने पर ही उन्हें वरीयता क्रम में दिए गए जिलों में मौका मिल सकेगा। जिन जिलों में पद खाली नहीं हैं, उनमें किसी भी दशा में तबादला नहीं किया जाएगा।
जिन जिलों में शिक्षकों की संख्या कम होगी, वहां उतने ही शिक्षक दूसरे जिलों में भेजे जाएंगे, जितने शिक्षक दूसरे जिलों से उस जिले में स्थानांतरित होकर आ रहे होंगे। किसी भी दशा में जिले में शिक्षक-छात्र अनुपात 1: 40 से कम नहीं रखा जाएगा।
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निशक्त, गंभीर रोगों से ग्रस्त और विधवा शिक्षकों को मिलेगी तरजीह
किसी भी विद्यालय के बंद या एकल होने की दशा में स्थानांतरित शिक्षक को तब तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक उस विद्यालय के लिए शिक्षकों की व्यवस्था न हो जाए।
स्थानांतरण के लिए समय सारिणी बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव जारी करेंगे। स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को पहले जिले के एकल विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी।
निशक्त तथा असाध्य रोगों जैसे कैंसर, लीवर या किडनी फेल होने, लकवाग्रस्त या बाईपास सर्जरी कराने वाले शिक्षकों और विधवाओं को तबादले में प्राथमिकता दी जाएगी। चिकित्सीय जांच रिपोर्ट के आधार पर गंभीर रोग की पुष्टि संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को करनी होगी।
इसके बाद सेना, अर्धसैनिक सुरक्षा बल, राज्य पुलिस बल में कार्यरत कर्मचारियों की पत्नियों, पति-पत्नी दोनों के परिषदीय अध्यापक होने या दोनों के सरकारी सेवा में होने और महिला या पुरुष शिक्षक के गृह जनपद में तबादले के आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
स्थानांतरण नीति में कहा गया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऑनलाइन आवेदन में शिक्षकों की ओर से दी गई सूचनाओं से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगे।
वे सत्यापित आवेदन पत्रों की प्रिंटेड कॉपी जरूरी संलग्नकों के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि के एक सप्ताह के अंदर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय, इलाहाबाद को उपलब्ध कराएंगे। उन्हें बताना होगा कि कुल कितने आवेदन आए और इनमें से कितनों को निरस्त किया गया।
किसी भी विद्यालय के बंद या एकल होने की दशा में स्थानांतरित शिक्षक को तब तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक उस विद्यालय के लिए शिक्षकों की व्यवस्था न हो जाए।
स्थानांतरण के लिए समय सारिणी बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव जारी करेंगे। स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को पहले जिले के एकल विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी।
निशक्त तथा असाध्य रोगों जैसे कैंसर, लीवर या किडनी फेल होने, लकवाग्रस्त या बाईपास सर्जरी कराने वाले शिक्षकों और विधवाओं को तबादले में प्राथमिकता दी जाएगी। चिकित्सीय जांच रिपोर्ट के आधार पर गंभीर रोग की पुष्टि संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को करनी होगी।
इसके बाद सेना, अर्धसैनिक सुरक्षा बल, राज्य पुलिस बल में कार्यरत कर्मचारियों की पत्नियों, पति-पत्नी दोनों के परिषदीय अध्यापक होने या दोनों के सरकारी सेवा में होने और महिला या पुरुष शिक्षक के गृह जनपद में तबादले के आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
स्थानांतरण नीति में कहा गया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऑनलाइन आवेदन में शिक्षकों की ओर से दी गई सूचनाओं से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगे।
वे सत्यापित आवेदन पत्रों की प्रिंटेड कॉपी जरूरी संलग्नकों के साथ आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि के एक सप्ताह के अंदर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय, इलाहाबाद को उपलब्ध कराएंगे। उन्हें बताना होगा कि कुल कितने आवेदन आए और इनमें से कितनों को निरस्त किया गया।
आवेदन निरस्त करने का कारण बताते हुए निरस्त आवेदनों की सूची सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को उपलब्ध करानी होगी। इसकी एक प्रति बीएसए कार्यालय के सूचना पट पर भी लगाई जाएगी। किसी भी जिले में स्थानांतरण स्वीकृत पदों की सीमा तक ही किया जा सकेगा।